13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हर महीने 32 सडक़ दुर्घटनाएं और 11 लोगों ने गवाई जाने, एक साल में 385 दुर्घटनाएं, 131 की गई जाने

एसपी कार्यालय

2 min read
Google source verification
एसपी कार्यालय

एसपी कार्यालय

शाम 6 बजे से रात्रि 9 बजे की बीच हुई सबसे अधिक सडक़ हादसें, दोपहिया वाहन चालकों के आए आंकड़े

टीकमगढ़. जिले के लिए यह साल सडक़ दुर्घटनाओं से भरा रहा है। इसमें सबसे अधिक लापरवाही हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं करने से सडक़ दुर्घटनाएं और मौतों का आंकड़ा सैकड़ों पर पहुंचा है। वाहन चालक की छोटी सी गलती या फिर चूक से युवा या फिर घर का चिराग बुझा है। जिसमें सबसे अधिक दुर्घटनाएं और वाहन सवार या चालकों की मौतें शाम ६ बजे से रात्रि ९ बजे के समय हुई है। ऐसी पुलिस विभाग ने एक रिपोर्ट पेश की है। जिसमें वाहन से संबंधित दुर्घटनाओं का आंकड़ा सामने आया है।
वर्ष २०२४ जनवरी से अब तक सडक़ दुर्घटनाओं का आंकड़ा ३८५ तक पहुंचा है। इसमें१३१ मौतें दर्ज की गई है। अधिकांश दुर्घटनाओं में मौत का सबसे बड़ा कारण हेलमेट नहीं लगाना है। एक्सीडेंट से सिर में चोट लगने से वे काल के गाल में समा गए है। बीते एक साल के आंकड़ों को देखा जाए तो बिना हेलमेट लगाए वाहन पर सफ र करने वाले ५0 लोग जान गवा चुके है। जिसमें १७८ के करीब सडक़ र्दुघटनाएं हुई है। इसी तरह मोटर कार और ऑटों से ८५ दुर्घटनाओं में ९, सभी प्रकार की बसों से ९ घटनाओं में एक और अन्य सभी प्रकार के वाहनों की १९ दुर्घटनाओं में१२ की मृत्यु हो चुकी है।

हर महीने ३२ दुर्घटनाएं और ११ लोगों की हुई मौतें
पुलिस विभाग की रिपोर्ट अनुसार जिले में जनवरी से दिसंबर २०२४ तक ३८५ सडक़ दुर्घटनाएं सभी वाहनों से हुई है। इन दुर्घटनाओं में १३१ वाहन चालक और सवारों ने जाने गवाई है। आंकड़ा अनुसार एक महीनें में ३२ दुर्घटनाएं और ११ लोगों ने जाने गवाई है। जिसमें सबसे अधिक दोपहिया चालकों को नुकसान हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया कि शाम ६ बजे से रात्रि ९ बजे तक सडक़ दुर्घटनाओं का आंकड़ा बड़ा है।

अधिक यातायात वाले १७ स्थानों पर नहीं है ट्रैफिक सिंग्नल
बताया गया कि जिले नगरपालिका सहित कस्बा में १७ अत्यधिक यातायात दबाव वाले चौराहों की संख्या दर्ज है। लेकिन किसी भी चौराहा पर ट्रैफिक सिंग्नल नहीं है। बताया गया कि टीकमगढ़ में छह, दिगौड़ा में दो, बल्देवगढ़ में तीन, जतारा में दो, पलेरा में दो लिधौरा में दो यातायात दबाव वाले चौराहा है।

वाहनों पर हुई चालानी कार्रवाई
रिपोर्ट में बताया गया कि जिले में में टीकमगढ़ और जतारा एसडीओपी कार्यालय है। इन कार्यालयों के क्षेत्र में थाना और चौकियां है। इन सभी पर २२०३४ वाहन चालकों ने यातायात के नियमों का उल्लंघन किया है। पुलिस ने इनसे ८३६३५०० का शमन शुल्क वसूल किया है। वहीं १४७६९ वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई है। उनसे ४४३०७०० शमन शुल्क वसूल किया गया है।

फैक्ट फाइल
एक - एसपी कार्यालय
०२ - एसडीओपी कार्यालय
१३ - पुलिस थाना
०७ - पुलिस चौकी
१७ - जिले चौराहा
२५२७८६ - जिले में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या
२१५६५५ -जिले में कुल दो पहिया पंजीकृत वाहनों की संख्या
९५८४- इसमें ऑटो सहित सभी मोटरकार
२६९ जिले में सभी प्रकार के वाहन

वर्ष दुर्घटनाएं मृत्यु
२०१९ ४५० १२९
२०२० ३६५ १०१
२०२१ ३६१ १४१
२०२२ ४२१ १५२
२०२३ ३८७ ११९
२०२४ ३८५ १३१

इनका कहना
वाहन चालकों को यातायात नियमों के तहत जागरूक किया जा रहा है। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट लगाए और कार चालक सीट बेल्ट लगाए। जल्द ही जिले के चौराहा पर ट्रैफिक सिंग्नल लगाए जाएंगे। इससे वाहन चालकों में अच्छा संदेश जाएगा। सडक़ों के अंधे मोड पर चिन्ह लगाए गए है।
मनोहर सिंह मंडलोई, एसपी टीकमगढ़।