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किसानों की टूट रही उम्मीदें. अनाज में दिखाई दे रहे बारिश के दाग, नहीं दिख रही चमक

कृषि उपज मंडी में किसान अनाज लेकर पहुंचने लगा है, मंडी मैदान अनाज से खचाखच भरने लगा है। कर्मचारियों की कमी के कारण व्यापारी ही किसानों के अनाज की नीलामी करने लगे है, लेकिन अनाज के दाम अच्छे नहीं मिल पा रहे है। जिसके कारण किसानों की उम्मीदें टूटने लगी है।

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 Farmers' hopes are shattered

Farmers' hopes are shattered


टीकमगढ़. कृषि उपज मंडी में किसान अनाज लेकर पहुंचने लगा है, मंडी मैदान अनाज से खचाखच भरने लगा है। कर्मचारियों की कमी के कारण व्यापारी ही किसानों के अनाज की नीलामी करने लगे है, लेकिन अनाज के दाम अच्छे नहीं मिल पा रहे है। जिसके कारण किसानों की उम्मीदें टूटने लगी है।
ओला और बारिश की मार के बाद फ सल की थ्रेसिंग करके किसान अनाज बेचने के लिए लाने लगे है, लेकिन उपज के दानों पर प्राकृतिक आपदा के निशान नजर आ रहे हैं। चमक और रंग के दम पर अच्छे दाम लेने वाला अनाज रंगहीन और चमकहीन नजर आ रहा है। उसी के अनुसार अनाज को दाम मिल रहे हैं। किसान की उम्मीदें मंडी में टूट रही हैं।
१० हजार क्विंटल से अधिक पहुंच रहा है अनाज
सोमवार को मंडी में गेहूं १६०६२ क्विंटल अनाज बेचने पहुंचा था। मंगलवार को ८ ३०० क्विंटल से अधिक पहुंचा है। जिसमें गेहूं २०१० से २०६५ रुपए, सरसों ५००० रुपए, जवा १८०० से १९२० रुपए, मटर ४१०० से ४३०० रुपए, चना ५०५५ रुपए क्विंटल बिक रहा है। किसान ट्रालियां भरकर मंडी में पहुंच रहा है।
रंगहीन दिखाई देने लगा गेहूं
ओला और बारिश से गेहूं की बालियां काली पड़ गई थी। जिसके दानों की चमक चली गई है। कई दाने तो कमजोर दिखाई दे रहे है। जिसमें हरे और कच्चा गेहूं दिखाई दे रहा है। रंगहीन अनाज की नीलामी मनमाने रुपए में हो रही है। जिसके कारण किसानों की उम्मीदें खत्म हो रही है। अनाज के कम दाम मिलने से किसानों के चेहरों पर मायूशी छाई हुई है।


गेहूं की कटाई हुई तेज
दो दिनों से मौसम साफ दिखाई दे रहा है। आसमान में ढेरा जमाए काले बादल गायब हो गए। जहां किसानों ने गेहूं की कटाई तेज कर दी है। किसानों खेतों पर नजर आ रहा है। कुछ जरूरतों के लिए किसान ट्राली भरकर मंडी में गेहूं ला रहे है, लेकिन अनाज का सही भाव नहीं मिल रहा है।
मजबूरी है अनाज बेचना
किसान सुखराम राजपूत, ग्यादीन कुशवाहा, श्यामसुंदर यादव, खिलान यादव, रामकुमार यादव ने बताया कि गेहूं की फसल खेत में डेढ हफ्ता पहले पककर तैयार खड़ी थी। बेमौसम बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचा दिया और गेहूं का रंग बदरंग हो गया है। अनाज की चमक गायब हो गई है और रंगहीन दिखाई देने लगा है। अगर बारिश नहीं होती तो गेहूं के दाम मंडी में २३०० रुपए क्विंटल से अधिक होते। अभी हाल में १९०० से लेकर २००० तक बिक रहा है।
इनका कहना
मंडी में १६ हजार क्विंटल से अधिक अनाज आया है। बारिश के कारण उसकी चमक चली गई है। कुछ अनाज गीला आ रहा है। जिसके कारण दो दिनों में गेहूं पर ५० रुपए उतर गए है। मंडी में कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। इस कारण से अव्यवस्थाएं होगी, लेकिन किसानों को परेशान नहीं होने देंगे।
बृजेंद्र कुमार खरे, सचिव कृषि उपज मंडी टीकमगढ़।