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दो-दो के 57 हजार सिक्के लेकर न्यायालय पहुंचे पिता-पुत्र, जानिए फिर क्या हुआ

न्यायालय ने दिया 1.14 लाख रुपए का प्रतिकर जमा करने का आदेश

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Father and son reached the court with 57 thousand coins each

Father and son reached the court with 57 thousand coins each

टीकमगढ़. सोमवार को न्यायालय में प्रतिकर की राशि जमा करने पहुंचे एक व्यक्ति ने कर्मचारियों की अच्छी खासी मेहनत करा दी। दरअसल वह 1.14 लाख रुपए के प्रतिकर की राशि जमा करने के लिए दो-दो रुपए के 57 हजार सिक्के लेकर पहुंचा था। देर शाम 8 बजे तक इनकी गिनती शुरू नहीं हो सकी थी। इन सिक्कों के 10-10 के पैकेट तैयार किए जा रहे थे।


मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता बृजबिहारी यादव ने बताया कि अभियुक्त मुकेश कुमार जैन को चैक बांउस के मामले में न्यायालय ने 16 दिसंबर 2022 को 3 माह के कारावास की सजा से दंडित किया था। साथ ही आरोपी को 5.70 लाख रुपए प्रतिकर जमा करने के भी निर्देश दिए गए थे। इसके साथ ही 14 हजार रुपए की परिव्यय की राशि भी परिवादी को देने के निर्देश दिए थे। प्रतिकर की राशि जमा न करने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास एवं परिव्यय की राशि न देने पर 7 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले में अभियुक्त मुकेश कुमार जैन ने सत्र न्यायाधीश के यहां अपील की थी। इस अपील को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने अभियुक्त को 5.70 लाख रुपए प्रतिकर की राशि का 20 प्रतिशत 60 दिन के अंदर न्यायालय में जमा करने के निर्देश दिए थे। यह राशि अभियुक्त मुकेश कुमार जैन को 27 फरवरी तक जमा करनी थी।

थैले में सिक्के लेकर पहुंचा अभियुक्त
प्रतिकर की रकम जमा करने की अंतिम तिथि 27 फरवरी को अभियुक्त मुकेश कुमार जैन थैले में सिक्के लेकर न्यायालय पहुंचा। वह अपने साथ दो-दो रुपए के 57 हजार सिक्के लेकर पहुंचा था। उसे 5.70 लाख रुपए के 20 प्रतिशत यानि 1.14 लाख रुपए न्यायालय में जमा करने थे। अभियुक्त का कहना था कि वह मुश्किल से यह जमा कर सका है। मुकेश टैक्सी से 7500-7500 सिक्कों की 7 तो 4500 सिक्को की एक अन्य बोरी मिलाकर कुल 8 बोरियां लेकर पहुंचा था। यह सिक्के लेकर न्यायालय पहुंचा तो कर्मचारी परेशान हो उठे वहीं पूरे न्यायालय में इसकी चर्चा होती रही।

वहीं इतने सिक्को की गिनती करने के लिए मुकेश को ही जिम्मेदारी सौंपी और उससे बैंक के अनुसार 10-10 सिक्को के पैकेट बनाने के निर्देश दिए। रात 9 बजे तक मुकेश इन सिक्क के पैकेट बनाकर उनकी टेपिंग कर रहा था। उसने बताया कि अभी 12 हजार के सिक्कों के ही पैकेज बन सके है। वह यहां पर तैनात कर्मचारी भी इसे लेकर परेशान दिखाई दिए। नाजिर नाजिर दिनेश सोनी का कहना था कि सिक्कों के 10-10 के पैकेट बनाए जा रहे है और अभी गिनती करने की स्थिति में नहीं आए है। उनका कहना था कि अब अधिकारी से बात कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बाजार में नहीं चल रहे सिक्के
विदित हो कि जिले में पिछले दो सालों से यह सिक्के बाजार में नहीं चल रहे है। तमाम व्यापारियों ने एक और दो के सिक्के लेने बंद कर दिए है। उनका कहना है कि अब यह सिक्के नहीं चलते है, जबकि ऐसा नहीं है। यह सिक्के आज भी चलन में है और देश के तमाम हिस्सों में इससे क्रय-विक्रय किया जा रहा है। न्यायालय में प्रतिकर जमा करने पहुंचे इन सिक्को से यह संदेश जरूर जाएगा कि यह सिक्के प्रचलन से बाहर नहीं हुए है।