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बाजार में बेच दिया गरीबों के हक का 25 लाख का खाद्यान्न, कराई एफआईआर

शिकायत पर कलेक्टर ने कराई थी दुकान की जांच, मोनहगढ़ तहसील के ग्राम बहादुरपुर का मामला
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टीकमगढ़

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Anil Kumar Rawat

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Updated: 6 Mar 2025, 11:36 AM IST

टीकमगढ़। शिकायत पर बहादुरपुर में जांच करते अधिकारी।

टीकमगढ़। शिकायत पर बहादुरपुर में जांच करते अधिकारी।

टीकमगढ़. मोहनगढ़ तहसील के ग्राम बहादुरपुर की उचित मूल्य की दुकान से गरीबों के हक के खाद्यान्न को बाजार में बेचा गया था। जांच में यहां पर 25 लाख रुपए के खाद्यान्न को बाजार में बेचे जाने का मामला सामने आया है। जांच के बाद कनिष्ट आपूर्ति अधिकारी ललित मेहरा ने सेल्समैन के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।
मामले की जानकारी देते हुए ललित मेहरा ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशन पर शुक्रवार को बहादुरपुर की उचित मूल्य की दुकान को मोहनगढ़ तहसीलदार द्वारा सील किया गया था। इसके बाद उन्होंने दुकान की जांच की थी। इसमें पाया गया था कि गांव में नवंबर एवं दिसंबर का राशन बिलकुल भी वितरित नहीं कराया गया है। वहीं पीओएस मशीन में कुछ पुराना राशन भी वितरित न होना बताया गया था। उनका कहना था कि मशीन में स्टॉक शेष होने एवं दुकान पर राशन न मिलने से साफ था कि इसे बाजार में बेच कर कालाबाजारी की गई है। ऐसे में सेल्समैन जानकी शरण दांगी पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया है।

इतना खाद्यान्न मिला कम


ललित मेहरा ने बताया कि दुकान के भौतिक सत्यापन करने पर कुल 402.22 क्विंटल गेहूं, कीमत 12 लाख 6 हजार, चावल 336.20 क्विंटल कीमत 13 लाख 44 हजार, शक्कर 2.41 क्विंटल कीमत 9640, नमक 11.81 क्विंटल कीमत 17715 एवं मूंग 55 किलो कीमत 3025 रुपए कम पाया गया है। इस राशन को हितग्राहियों को वितरित न करते हुए बाजार में बेचा गया है। ऐसे में आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज कराया गया है। उनका कहना था कि इस मामले में तहसीलदार के साथ जंाच कर प्रतिवेदन एसडीएम को दिया गया था।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी


इस मामले में कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय का कहना था कि बहादुरपुर की दुकान से ग्रामीणों को राशन वितरण न होने की शिकायत सामने आई थी। इस पर जांच के बाद कार्रवाई कराई गई है। उनका कहना था कि अन्य जगहों से भी इस प्रकार की शिकायतें आ रही है। ऐसे में खाद्य विभाग को जांच के निर्देश दिए गए है। कलेक्टर श्रोत्रिय का कहना था कि राशन वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजस्व अधिकारियों को भी नियमित रूप से दुकानों का निरीक्षण कर खाद्यान्न वितरण को व्यवस्थित तरीके से कराने के निर्देश दिए गए है।