
Declaration on the arrival of the district in the district in the last two years
अनिल रावत, टीकमगढ़. कसमें-वादे, प्यार-वफा सब, बातें है बातों का क्या। फिल्म उपकार का यह मशहूर गीत, जिले के विकास को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं पर बिलकुल सटीक बैठता दिखाईदे रहा है। पिछले 2 वर्षों में विभिन्न अवसरों पर जिले के प्रवास पर आए मुख्यमंत्री ने अनेक घोषणाएं की है, लेकिन उनमें से मात्र 6 ही पूरी की गई है। अधिकांश घोषणाओं में विभाग को अब तक कोई आदेश ही प्राप्त नही हुआ है।
पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 6 बार जिले के प्रवास पर आए है। ग्राम छिपरी में रावतपुरा सरकार द्वारा कराए गए कुंभ के साथ ही जिले में 2015 में पड़े सूखे के समय में एवं इसके साथ ही अन्य अवसरों पर मुख्यमंत्री का जिले में पदार्पण हुआ है। पिछले दो वर्ष में 6 बार जिले में आने पर मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र विकास से संबंधित 20 घोषणाएं की गई है। लेकिन इनमें से मात्र 1 घोषणा ही पूरी हुई है। इनके अलावा अनेक घोषणाएं ऐसी है, जिनके क्रियान्वयन को लेकर विभाग के ही पास ही किसी प्रकार की जानकारी या निर्देश प्राप्त नही हुए है।
यह की घोषणाएं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 23 अप्रैल 2015 को जिले को जिले के प्रवास पर आए थे। इस समय इनके द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और स्कूल शिक्षा विभाग से संबंधित दो घोषणा की गईथी। इसके बाद 7 मई 2015 को जिले के प्रवास पर आने पर 8 घोषणाएं की गई थी। इनमें से 3 जल संसाधन विभाग, 1 आयुष विभाग, 1 उच्च शिक्षा विभाग, 1 खेल एवं युवक कल्याण विभाग, 1 स्कूल शिक्षा विभाग एवं 1 पशुपालन विभाग से संबंधित थी। इसके बाद 29 मई 2015 को एक, 27 अक्टूबर 2015 को प्रवास के दौरान 3, 28 अप्रैल 2016 को 3 एवं 7 जून 2017 को 3 घोषणाएं की गईथी।
यह घोषणा हुईपूरी: मुख्यमंत्री के द्वारा 29 मई 2015 को बड़ागांव धसान को तहसील बनाने, छिपरी में सामुदायिक भवन, पुछीकरगुवा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, छिपनी के हाईस्कूल का उन्नयन करने, असाटी में हायर सेकेण्डरी स्कूल खोलने, शिवराजपुरा में हाईस्कूल खोलने की घोषणा पूरी की गई है। इन घोषणाओं के साथ ही टीकमगढ़ में एक ओर हायर सेकेण्डरी स्कूल खोलने, बल्देवगढ़ में महाविद्यालय खोलने सहित कुछ अन्य घोषणाएं भी ऐसी थी, जिन्हें दो वर्ष में पूरा किया जा सकता था। लेकिन इन पर भी अब तक अमल नही किया गया है। इनके साथ ही जामनी नदी से पक्की नहर बनाकर पठा, महेन्द्र सागर तालाब, बगाज माता तालाब भरने, भेड़ फार्म मिनौरा में चारागाह अनुसंधान केन्द्र बनाने की महती योजनाओं पर भी अमल नही किया गया है।
यहां नही हो पा रहा काम: इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के बाद जहां बल्देवगढ़ के बाईपास का सर्वेप्रारंभ किया गया है वहीं ओरछा की जामनी एवं बेतवा नदी के पुलों का काम वर्षों से स्वीकृत होने के बाद भी अब तक प्रारंभ नही हो सका है। जबकि इन नदियों पर लंबे समय से पुलों की मांग की जा रही है। इसे लेकर कई बार प्रदर्शन भी हो चुका है।
कहते है जनप्रतिनिधि: मुख्यमंत्री द्वारा जो भी घोषणाएं की गई है, उन्हें अवश्य पूरा किया जाएगा। 6 दिसम्बर को मुख्यमंत्री जिले के प्रवास पर आ रहे है। उस समय इस संबंध में उनसे चर्चाकर, इन्हें जल्द पूरा कराने की मांग की जाएगी।- अभय यादव, जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी, टीकमगढ़।
मुख्यमंत्री हर बार आते है और एक नई घोषणा करके चले जाते है। मेरा सुझाव है कि उन्हें यह देखना चाहिए कि पुरानी पर कितना अमल किया गया है। इससे अच्छा है कि मुख्यमंत्री किसानों की दयनीय स्थिति और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाए तो, जनता के लिए अच्छा होगा।- बृजेन्द्र सिंह राठौर, पूर्व विधायक एवं प्रदेश सचिव कांग्रेस।
Published on:
03 Jan 2018 02:41 pm
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