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हरे सोने की तुड़ाई शुरू पर मौसम ने लगाया खुशियों पर बट्टा

वन विभाग ने 5100 मानक बोरा का लक्ष्य रखा

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Green gold Tendu leaves Start up Weather disappointed

Green gold Tendu leaves Start up Weather disappointed

टीकमगढ़ ..बुंदेलखण्ड़ के हरा सोना कहे जाने वाले तेंदूपत्ता की तुड़ाई शुरू हो चुकी है तो कही पर संग्राहकों द्वारा तैयारियां की जा रही है। वन परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाली समितियों में तेंदूपत्ते को लेकर संग्राहकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। परन्तु मौसम की बेरूखी के कारण कई जगहों पर क्वालिटी में गिरावट आई है। दरअसल इस साल वन विभाग अंतर्गत 5100 मानक बोरा का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें तुड़ाई का कार्य प्रारम्भ करा दिया गया।


गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों तेंदूपत्ता आय का जरिया है। जहां क्षेत्र के लोग सुबह से ही जंगल की ओर निकलकर तेंदूपत्ता का संग्रह करना शुरू कर देते है। वहीं मौसम के चलते कुछ स्थानों पर देरी से तुड़ाई का कार्य शुरू होना है। पौधा पर नए एक पत्तों के आने के बाद 2 मई से पत्तों का संग्रहण कार्य शुरू हो गया है। बारिश के कारण पत्तों पर दाग पडऩे के कारण कुछ स्थानों पर करीब 10 मई से तुड़ाई का कार्य किया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि 7 बजे से 9 बजे तक 50 से 100 गडडी बनाने के लिए तेंदूपत्ता तुड़ाई का काम कर लेते है। जिसमें 5 समितियों के द्वारा कार्य कराया जाएगा।

5 समितियों कराएगी संग्रहण
जानकारी के मुताबिक पत्ता तुड़ाई का कार्य 5 वन उपज समितियों के माध्यम से कराया जाएगा। जिसमें इस साल कुल समितियों को 5100 मानक बोरा का लक्ष्य रखा गया है। पिछले बर्ष भी 5100 मानक बोरे का लक्ष्य रखा गया। लेकिन 5400 बोरा तेंदूपत्ता जमा कराए गए थे। संग्राहको को 2 हजार रूपए मानक बोरा के हिसाब से राशि दी जाएगी।


संग्राहको को सामग्री और राशि मिलेगी
इस बर्ष तेंदूपत्ता संग्राहको के लिए सरकार ने मजदूरी बढ़ाने के साथ ही सामग्री भी उपलब्ध कराई है। पिछले बर्ष संग्राहकों को 1250 रूपए मिलते थे। जिसमें 750 रूपए बढ़ाकर कुल 2 हजार रूपए मानक बोरा के हिसाब से राशि दी जाएगी। इसके साथ ही पानी की बोतल,चप्पल एवं कालीन वितरित किए जाएगे।
कहते है अधिकारी
तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य कुछ स्थानो पर शुरू कराया गया है। बारिश के कारण क्वालिटी में गिरावट आई है। साथ ही संग्राहकों की राशि इस साल बढ़ाई दी गई है।
अरविन्द्र केन, वन परिक्षेत्र अधिकारी बल्देवगढ़।