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सड़कों पर अवैध होर्डिंग ने उठाए नगर पालिका पर सवाल

नगर पालिका के कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की मिली भगत

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Illegal hoarding raises questions on municipality on roads

Illegal hoarding raises questions on municipality on roads

अखिलेश लोधी,टीकमगढ़. नगर में बगैर ठेका से शहर के प्रत्येक चौराहों और सड़कों पर अवैध तरीके से होर्डिंगों को लगा दिया है। जिसकी राशि नगरपालिका को न मिलकर जनप्रतिनिधि और अधिकारियों की जेब में जा रहा है। इन होर्डिंगों से पूरा शहर बदरंग दिखाई देने लगा है। इसके साथ ही अवैध होर्डिंगों से तूफान में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन नगरपालिका द्वारा मामले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नगर पालिका के कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों की मिली भगत से कई राजनेताओं और कम्पनियों के अवैध होर्डिंग शहर को बदरंग कर रहे है। विज्ञापनों के लिए होर्डिंग की नीलामी नहीं हो रही है। इसके बावजूद जगह-जगह रसूख और मिली भगत के दम पर अवैध होर्डिंग प्रशासन को मुहं चिढ़ा रहे है। स्वच्छा के बड़े-बड़े दावों के बावजूद शहर को बदरंग कर रहे होर्डिंग के लगाने वालों के खिलाफ विरूपण की कार्रवाई भी नहीं कर पा रहा है। लाखों के कारोबार का मामले में भी नपा के जिम्मेदारों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
अधिकारियों की जेब में जाता है पैसा
दरअसल आउटडोर विज्ञापनों का कारोबार लाखों रूपए का है। इसके चलते नीलामी नहीं हो पा रही है। नगरपालिका के अधिकारी शहर में लगे होर्डिंग पर अपनी मौन स्वीकृति डकार रहे है। कई प्रायवेट कम्पनियों द्वारा नपा के कर्मचारियों को अपने पक्ष में लेकर प्रमुख स्थानों पर अपने प्रोडक्ट का प्रचार कर रही है।
मिली भगत के खेल में अधिकारियों की मौज
पत्रिका ने शहर में लगे होर्डिंग के मामले को स्कैन किया तो यह सामने आया है कि मिली भगत से राजनेताओं के साथ बड़ी कम्पनियों और नगर के जनप्रतिनिधियों सहित इलेक्ट्रॉनिक्स,कॉचिंग सेंटर, कॉलोनियों, होटल शॉरूम, सहित संगठनों के जगह-जगह पर विज्ञापन के लिए होर्डिंग लगे है।
ये है नियम
होर्डिंग के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराना जरूरी है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइकिल स्टेशन, बूथ, बैंच, डस्टबिन ,खम्भा, खुली भूमि, यूनिपोल, दीवार,अस्थाई कार्यक्रम, भवन समेत तमाम स्थान शामिल है। स्व.विज्ञापकों के साथ संपत्तियां के मालिकों को पंजीयन जरूरी है। पंजीय का शुल्क तय है,ये ऑनलाइन ही जमा होता है। कलेक्टर गाइड लाईन के अनुसार शुल्क लिया जाता है।
नगरपालिका के पास है अधिकार
नई नीति में अवैध होर्डिंग के खिलाफ कार्रवाई के लिए नगर पालिका को कई तरह के अधिकार दिए गए है। इसके अलावा नीति को नहीं मानने के संबंधित को नोटिस जारी करने पर साथ विज्ञापन को हटाया जाएगा। इसका खर्चा विज्ञापन कर्ता द्वारा लिया जाएगा। आंधी तूफान में किसी भी प्रकार का जानमाल का नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी विज्ञापन कर्ता की रहेगी।

अनुमति जरूरी
होर्डिंग लगाने के लिए संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। निर्धारित लायसेंस फीस देना होगी। निजी और सरकारी भवन, दीवार, पोल, वाहन, स्वागत द्वार, तोरण सहित पर दिया गया व्यक्ति,वस्तु और सर्विस का प्रचार विज्ञापन माना गया गहै। हर विज्ञापन शुल्क भी तय है।
कई महीनों से नहीं है टेंडर
होर्डिंस की नई गाईडलाईन को लेकर कुछ होर्डिंग ठेकेदारों द्वारा हाईकोर्ट में शिकायत कर आपत्ति दर्ज कराई है। कई दिनों से होर्डिंग के टेंडर जारी नहीं किए गए है। शहर में किसी प्रकार के होर्डिंग पर रोक है। किसी विज्ञापन कर्ता द्वारा बगैर अनुमति के होर्डिंग लगाए जाते है। तो कार्रवाई करने के आदेश है। लेकिन नगरपालिका द्वार न तो होर्डिंगों को हटवाया जा रहा है और न ही संबंधित पर कार्रवाई की जा रही है।
आंधी तूफान से कभी हो सकता है बड़ा हादसा
नगर के प्रत्येक चौराहों पर अवैध तरीके से होर्डिंग लगाए गए। इस समय दिन और शाम-सुबह तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदा बांदी होने लगती है। राहगीर पानी के बचाओं और धूप से बचने के लिए होर्डिंग के नीचे चले जाते है। जहां पर कभी भी हादसा हो सकता है। अवैध होर्डिंग हटवाने की मांग नगर के लोगों द्वारा की गई है।
इनका कहना
नगरपालिका द्वारा होर्डिंग लगाने का ठेका किसी को नहीं दिया गया है। जल्द ही होर्डिंग ठेका का टेंडर निकाला जाएगा। इसके साथ ही जो भी अवैध तरीके से होर्डिंस लगवाकर वसूल कर रहा है। जांच कर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ओ पी दुबे सीएमओ नगर पालिका टीकमगढ़।