
King of Tikamgarh was fond of polo match then trees of attraction
टीकमगढ़.राजशाही दौर में वर्षो पूर्व राजा ने मैच खेलने के लिए 52 एकड़ का खेल मैदान बनाया गया था। टीकमगढ़ के राजा पोलो मैच के बहुत शौकीन थे। जिन्होंने मैदान के चारों ओर एक हजार से अधिक ताड के पेड़ों को लगाया गया था। उसकी के बीच में राजा घुडसवारी करके पोलो मैच खेलते थे। जो मैदान में यह पेड़ आकर्षक का केंद्र बना हुआ है। ढोंगा निवासी रविंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जिले का सबसें बड़ा ढोंगा मैदान ताड़ के पेड़ों से घिरा हुआ है। मैदान गोल आकार का होने के कारण सुंदरता का दृश्य खूबसूरत बना हुआ है। यह मैदान राजा वीर सिंह जू देव ने पोलो मैच खेलने के लिए बनाया गया था। मैदान की सुरक्षा के लिए चारों ओर ताड के पेड़ों को लगाया गया था। आज जिले के बड़े कार्यक्रम और खेल इसी मैदान से खेले जाते है।
10-10 फुट पर लगाए गए थे ताड़ के पेड़
रविंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि राजशाही दौर में पोलो मैच खेल मैदान की सुरक्षा के लिए ताड के पेड़ों को 10-10 फुट पर लगाए गए थे। इसके साथ ही ढोंगा मैदान से रोरईया तक सड़क के किनारे एक हजार से अधिक ताड़ के पेड़ों को लगाया गया था। धीरें-धीरे उनकी सुरक्षा की गई। यह पेड़ बड़े होकर आकर्षक का केंद्र बने हुए है।
मैदान में किए जाते बड़े-बड़े धार्मिक कार्यक्रम
ढोंगा मैदान आज माताबेटी बाई मैदान के नाम से जाना जा रहा है। इस मैदान में जिले के बड़े-बड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। जिसमें पार्किंग सहित अन्य कार्य होते रहते है। इसके बाद भी जगह खाली पड़ी रहती है।
मैदान के किनारे लगे ताड़ के पेड़ हो रहे नष्ट
लोगों का कहना है कि राजशाही दौर में राजा द्वारा मैदान किनारे ताड के पेड़ों को लगाया गया था। उन पेड़ों की ज्यादा उम्र होने के कारण सैकडो ताड के पेड़ नष्ट होते जा रहे है। उनकी सुरक्षा के लिए न तो नगरपालिका ध्यान दे रही है और न ही प्रशासन द्वारा पेड़ों को बचाने के उपाय किए जा रहे है। ताड के पेडों बचाने के लिए नगर के लोगों ने प्रशासन से मांग की है।
Published on:
29 Sept 2018 01:38 pm
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