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भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की लिखी गई लगुन

टीकमगढ़. बसंत पंचमी का पर्व जिले में पारंपरिक तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने अपने घरों में जहां विशेष पूजन किया तो मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। कुछ लोगों ने इस अवसर पर अपने छोटे बच्चों का शिक्षारंभ संस्कार भी कराया। वहीं मंदिर में भगवान शिव एवं माता पार्वती के विवाह की लगुन का कार्यक्रम किया गया।

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टीकमगढ़. शिवधाम कुण्डेश्वर में लिखी गई भगवान के विवाह की लगुन।

टीकमगढ़. शिवधाम कुण्डेश्वर में लिखी गई भगवान के विवाह की लगुन।

मंदिरों में हुई विशेष पूजा, बच्चों का हुआ शिक्षारंभ संस्कार

टीकमगढ़. बसंत पंचमी का पर्व जिले में पारंपरिक तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने अपने घरों में जहां विशेष पूजन किया तो मंदिरों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। कुछ लोगों ने इस अवसर पर अपने छोटे बच्चों का शिक्षारंभ संस्कार भी कराया। वहीं मंदिर में भगवान शिव एवं माता पार्वती के विवाह की लगुन का कार्यक्रम किया गया।

बसंत पंचमी पर सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। यहां पर महिलाओं ने भगवान शिव का पूजन किया। साथ ही घरों में भी विशेष पूजन किया गया। लोगों ने इस सत्र से पहली बार स्कूल जाने वाले बच्चों का पाटी पूजन कराकर उनका विद्यारंभ संस्कार कराया। यह जीवन के 16 संस्कारों में से एक है। लोगों ने विधि-विधान से माता सरस्वती के सामने बच्चों का यह संस्कार कराया। पंडित जयराम चतुर्वेदी का कहना था कि लोग इस संस्कार को भूलते जा रह है। बच्चों के स्कूल जाने के पूर्व यह महत्वपूर्ण संस्कार है। इसके साथ ही लोगों ने बेटियों के कर्ण छेदन संस्कार भी कराए। इसके साथ ही स्कूलों में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां उपस्थित बच्चों से माता सरस्वती का पूजन कराया गया।

लिखी गई लगुन पत्रिका

वहीं जिले भर के शिव मंदिरों में माता पार्वती और भगवान शंकर के विवाह की लगुन का कार्यक्रम किया गया। शिवधाम कुण्डेश्वर में पुजारियों एवं ट्रस्ट के अध्यक्ष नंदकिशोर नापित ने विधि-विधान से इस रस्म का पूरा किया। इसके साथ ही नजरबाग मंदिर भी भगवान शिव-पार्वती के विवाह की लगुन लिखी गई। इसके बाद से इन मंदिरों में भगवान के विवाह की तैयारियां शुरू हो गई है। अब शिवरात्रि के पर्व में धूमधाम के साथ भगवान के विवाह का कार्यक्रम किया जाएगा। शिवधाम कुण्डेश्वर में इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यहां पर प्रति वर्ष अनूठे अंदाज में भगवान शिव-पार्वती के विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस आयोजन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते है।