
तहसीलदार और थाना प्रभारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किया निरीक्षण।
मरीज और उनके परिजनों से की चर्चा, दो डॉक्टरों को तीन-तीन के लिए किया पदस्थ
टीकमगढ़. दिगौड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर को जतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का बीएमओ बना दिया गया। उसके बाद से स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा था। उनके बदले आयुष आयुर्वेदिक डॉक्टर को जिम्मेदारी थी, लेकिन मरीजों को उपचार मिल रहा था। जिसके कारण क्षेत्र के मरीज बगैर उपचार के लिए वापस निजी डॉक्टरों के साथ जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिए जा रहे थे। डॉक्टरों को पदस्थ कराने की मांग स्थानीय लोगों द्वारा प्रत्र और प्रदर्शन के माध्यम से की गई, लेकिन जिम्मेदारों ने एक नहीं सुनी। पत्रिका ने २६ सितंबर को खबर का प्रकाशन किया और २७ सितंबर को दो डॉक्टरों को तीन-तीन दिन के लिए पदस्थ करने के आदेश दिए है। इसके साथ ही सोमवार की शाम स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए तहसीलदार झाम सिंह और थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने निरीक्षण किया है।
बताया गया कि सोमवार की शाम ७ बजे 7 बजे तहसीलदार झाम सिंह और थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कोई डॉक्टर नहीं मिले और केंद्र में कई कमियां पाए गई, जिनका सुधार कराने के दिशा निर्देश दिए। विदित हो कि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं होने से ओपीडी भी बंद और दवाओं का टोटा बना रहता है। जन्मे शिशुओं का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में महीनों संघर्ष करना पड़ता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में निरीक्षण के दौरान केवल दो एएनएम पिंकी तिवारी और भारतेश्वरी पस्तोर, गार्ड काशीराम यादव मिले, बाकी सभी कर्मचारी अनुपस्थित थे। तहसीलदार और थाना प्रभारी ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरा और लाइटिंग को चेक किया। जिसमें लाइटिंग खराब थी। साफ सफाई व्यवस्था खराब थी और ओपीडी कक्ष बंद था। निरीक्षण के दौरान अन्य कई कमियां का पंचनामा लिखा गया है।
पत्रिका की खबर के बाद दो डॉक्टरों को सात दिनों की जिम्मेदारी
२६ सितंबर को पत्रिका ने खबर का प्रकाशन किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और दो डॉक्टरों को नियुक्त करने का आदेश कर दिया है। २७ सितंबर को जारी आदेश में बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी टीकमगढ़ के निर्देश पर जतारा बीएमओ कार्यालय द्वारा जरुआ अस्पताल के एमबीबीएस डॉ. तेजकरण विश्वकर्मा को सोमवार, बुधवार और शुक्रवार, लिधौरा अस्पताल के डॉ. शिवम समाधिया को मंगलवार, गुरुवार और शनिवार के लिए दिगौड़ा अस्पताल में पदस्थ किया गया है। उल्लेखनीय है कि पहलेे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहले डॉ. संजय अहिरवार मेडिकल प्रभारी थे। उन्हें जतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीएमओ बना दिया गया है। उसके बाद कोई डॉक्टर नहीं आए, जिसके कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य व्यवस्था लडखड़ा गई है।
Updated on:
02 Oct 2024 11:15 am
Published on:
02 Oct 2024 11:15 am
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