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vivah panchami 2017 : बने दूल्हा छवि देखो भगवान की, दुल्हन बनी सिया जानकी

हजारों की संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु, सजाई घरों के सामने रांगोली, किया टीका

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vivah panchami 2017 in orchha

vivah panchami 2017 in orchha

टीकमगढ़/ओरछा. विवाह पंचमी के अवसर पर शाम होते-होते पूरा मंदिर परिसर हजारों श्रद्धालुओं से भर गया था। सभी को इंतजार था तो मंदिर के पट खुलने का। सभी की अपलक नजरें मंदिर के पट पर लगी हुई थीं कि कब मंदिर के पट खुलें और दूल्हा बने राजाधिराज श्रीरामराजा सरकार के दर्शन हों। वहीं प्रांगण में हजारों महिला श्रद्धालुओं द्वारा गाए जा रहे गीत, बने दूल्हा छवि देखो भगवान की, दुल्हन बनीं सिया जानकी... से माहौल में श्रीरामराजा के दर्शन के लिए व्याकुलता पैदा हो रही थी।
गुरुवार को विवाह पंचमी के अवसर पर श्रीरामराजा मंदिर का प्रांगण श्रद्धालुओं से पटा पड़ा था। श्रीराम-जानकी विवाह के आयोजन के लिए यहां पर देश भर से लोग आए हुए थे। श्रीराम-जानकी विवाह के लिए पूरे ओरछा नगर में की गई तैयारियां एवं यहां पर हजारों की संख्या में मंदिर प्रांगण में एकत्रित श्रद्धालुओं को देखकर विदेशी पर्यटक भी इस आयोजन को लेकर रोमांचित दिख रहे थे। भगवान की बारात देखने के लिए देशभर के हजारों श्रद्धालु मंदिर में जमा हुए थे। शाम को 8 बजे के लगभग जैसे ही मंदिर के पट खुले और दुल्हा वेश में भगवान बाहर निकले पूरा मंदिर प्रांगण भगवान श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हो गया। पूरे बुंदेलखंड में प्रभुराम का विवाह जानकी जी के साथ रचाया गया। इस विवाह समारोह को रोचकता प्रदान करने के लिए बारात को भव्यता प्रदान की गई थी। ओरछा में आयोजित राम विवाह के अवसर पर करीब 70 हजार श्रद्धालु पहुंचे जिनमें विदेशी भी शामिल रहे। राम विवाह की भव्यता को देखने के लिए दूर से लोग राम-सीता विवाह के साक्षी बने थे।

राजशाही था अंदाज: बारात पूरी राजशाही अंदाज में आगे बढ़ रही थी। बारात के सबसे आगे रघुकुल का प्रतीक चिन्ह चल रहा था। उसके बाद मशालची मशालें लेकर आगे राह दिखा रहे थे। भगवान की शान में चांदी की छड़ी लिए दरबान उसके आगे चल रहे थे। भगवान का चंवर हिलाते हुए सेवक भगवान को पालकी में लगाई गई तिकौनी लोगों की आकर्षण का मुख्य केन्द्र रही।