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खेतों में सूखने लगे सब्जी के पौधे, अन्नदाता पर मौसम की मार

भीषण सर्दी और कोहरे से सब्जी फ सलों पर रोग का प्रकोप

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भीषण सर्दी और कोहरे से सब्जी फ सलों पर रोग का प्रकोप

भीषण सर्दी और कोहरे से सब्जी फ सलों पर रोग का प्रकोप


टीकमगढ़ क्षेत्र के बगौरा, ताल लिधौरा सहित जतारा विकासखंड के ये गांव ऐसे क्षेत्र है, जहां हर मौसम में बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती की जाती है। लेकिन इस बार मौसम की मार ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है और उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। लगातार भीषण सर्दी, एक सप्ताह से पड़ रहे घने कोहरे और पाले के कारण रवि मौसम की फ सलों के बाद अब सब्जी की फ सलें भी खेतों में खराब होने लगी हैं। हालात यह है कि सब्जी की फ सलों में रोग लगने से पत्ते काले पड़ गए है और पौधे सूखने लगे है।

यह मिली सब्जी की खेती की स्थिति

पत्रिका टीम ने जतारा विकासखंड के बगौरा गांव पहुंचकर किसानों की स्थिति का जायजा लिया। यहां अधिकांश किसान हर मौसम में सब्जी की खेती करते है और इसी से अपने परिवार का भरण पोषण करते है, लेकिन इस बार मौसम की मार ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया।

किसानों द्वारा तकनीकी आधार पर खेती को लाभ का धंधा बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती की जा रही थी। फ सलों की आवक शुरू होने ही वाली थी कि मौसम ने करवट ले ली। सर्दी के कारण सब्जी की फ सलों में फू ल झड़ गए और पौधों की बढ़वार रुक गई। जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

खराब हो गई बैंगन, टमाटर और लहसून की खेती

गांव के किसान हरप्रसाद कुशवाहा ने दो एकड़ में तकनीकी आधार पर बैंगन की खेती की थी, लेकिन मौसम बिगड़ते ही पूरे खेत की फ सल खराब हो गई। पत्ते झड़ गए और पौधे सूखने लगे। जिससे किसान को फसल से एक रुपया भी आवक नहीं हो सकी। इसी तरह किसान इंदू कुशवाहा द्वारा डेढ़ एकड़ में की गई लहसुन की खेती भी पूरी तरह खराब हो गई। वहीं हरलाल कुशवाहा की डेढ़ एकड़ में लगी टमाटर की फ सल भी रोग की चपेट में आकर नष्ट हो गई।

हरि मिर्च और गोभी भी खराब

इसके अलावा दशरथ कुशवाहा, तुलाराम कुशवाहा, रामबगस कुशवाहा सहित अन्य किसानों के खेतों में लगी हरी मिर्च, गोभी, शिमला मिर्च जैसी फ सलें भी लगातार कोहरा और पाला पडऩे से पूरी तरह प्रभावित हो गई है। किसानों का कहना है कि फ सल तैयार करने में जो लागत लगी थी, वह भी नहीं निकल पाई।

किसानों ने आशंका जताई है कि यदि अगले एक सप्ताह तक इसी प्रकार भीषण सर्दी और घना कोहरा बना रहा, तो शेष बची फ सलें भी पूरी तरह नष्ट हो जाएंगी। इससे आने वाले दिनों में बाजार में सब्जी की आवक कम होगी और दाम बढऩे की पूरी संभावना है। जिसका सीधा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ेगा।