
Next election will be boycotted
टीकमगढ़. जतारा जनपद पंचायत की सतगुवां और मऊ बछोड़ा गांवों के बीच पडऩे वाली सुखनई नदी का पुल नहीं है। जिसका बारिश के समय एक दूसरे गांवों का संपर्क टूट जाता है। किसानों को नदी के पार रात गुजारनी पड़ती है या फिर नाव और बैल गाड़ी का सहारा लेकर पुल पार करते है। जब तक पुल की स्वीकृति नहीं मिलती तब तक सभी प्रकार के चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा।
गांव की मूर्ति देवी यादव, रेखा यादव, कमला यादव, मीरा विश्वकर्मा, रामदेवी यादव, काशीराम ने बताया कि सतगुवां और मऊ बछोड़ा गांव बीच सुनरई नदी निकली हुई है। उस नदी में बारिश और अन्य मौसम में पानी भरा रहता है। जहां स्थानीय लोगों को निकलने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसानों का कहना था कि इस वर्ष सुनरई नदी पर पुल नहीं मिला तो वोट नहीं दिए जाएंगे। जिले का यह पहला मामला है जहां आजादी के ७५वें वर्ष में गांवों को जोडऩे के लिए पुल निर्माण नहीं किया गया।
आजादी के 75 वर्षों के बाद भी जतारा जनपद सतगुवा गांव के किसान अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। यहां नदी पर पुल नहीं होने के चलते बारिश के मौसम में लोगों को खासी परेशानी होती है, यहां तक नदी में पानी बढ जाने के चलते घर नहीं पहुंच पाते हैं। जिसके कारण खेतों पर ही रात गुजारनी पड़ती है। अब यहां के लोगों द्वारा इस बार विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किश जाएगा।
पुल नहीं तो वोट
ग्रामीण अनीता विश्वकमा, जय हिंद यादव, हल्के रैकवार, राधेश्याम यादव, गजेंद्र रैकवार, काशीराम यादव, सुनील यादव का कहना था कि इस वर्ष आसपास के सभी ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि जब तक पुल स्वीकृत नहीं होता तब तक चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। अगर इस बार ग्रामीणों का एक ही निर्णय है कि पुल नहीं तो वोट नहीं।
मोर रमन्ना हार से निकली सुनरई नदी
यह मामला सतगुवा गांव का है जो सतगुवा से मऊ बछोड़ा दिगौड़ा के लिंक रोड पर है। मोर रमन्ना हार के बीचों बीच निकलने वाली सुखनई नदी पड़ती है। खेतों में जाने के लिए किसानों को उस नदी को पार करके जाना पड़ता है। इसके अलावा कोई मार्ग नहीं है। किसान अपनी जान हथेली में रखकर अपने मवेशियों के साथ नदी पार करते हैं और अधिक बारिश हो जाए तो नदी पार करना भी मुश्किल हो जाता है। जिसके चलते यहां की किसान महिलाए, बच्चे खेतों पर ही रात गुजारते और नदी में पानी कम होने का इंतजार करते हैं।
वर्षों से की जा रही मांग
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों अधिकारियों को भी जानकारी पत्र और मौखिक दी गई लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। जबकि कुछ दिन पहले ही क्षेत्रीय विधायक को पुल निर्माण कराए जाने के लिए ज्ञापन दिया था।
इनका कहना
मुझे इस मामले की अभी जानकारी मिली है, हम पता करते हैं और ग्रामीण की समस्या को हल करने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किया जाएगा।
सिद्धगोपाल वर्मा, सीइओ जनपद पंचायत टीकमगढ़।
Published on:
02 Aug 2023 07:28 pm
बड़ी खबरें
View Allटीकमगढ़
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
