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जिले में नहीं हैं रजिस्टर्ड साइबर कैफे

नियम न होने के कारण बढ़ रहे अपराध, लोगों को ऑनलाइन लाटरी के तमाम फर्जी ई-मेल भेजकर लोगों को ठगने कि घटनाएं होने के बाद भी रजिस्ट्रेशन न होना चिंता का विषय है।

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Khandwa Online

Oct 12, 2015

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(फोटो कैप्शन:यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है।)

टीकमगढ़.पिछले एक दशक में देश में सूचना क्रांति के क्षेत्र में काफी प्रगति की है। देश में इंटरनेट का प्रयोग करने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। आये दिन लोग किसी न किसी वजह से साइबर क्राइम का शिकार बन रहे हैं। जिले में इस समय रजिस्टर्ड साइबर कैफों की संख्या शून्य के स्तर पर है। रजिस्ट्रेशनों की संख्या शून्य के स्तर पर रहना प्रशासन की कार्यक्षमता, संचालकों की जागरुकता पर प्रश्न चिन्ह लगाती है ।

साइबर से हो रही कई घटनाए
लोगों को ऑनलाइन लाटरी के तमाम फर्जी ई-मेल भेजकर लोगों को ठगने कि घटनाएं होने के बाद भी रजिस्ट्रेशन न होना चिंता का विषय है। लोगों के ईमेल और गुप्त जानकारियां की घटनाएं बढऩे के साथ स्थिति चिंताजनक है। महिलाओं और युवतियों को ब्लैकमेल करने की घटनाएं आम हो रही हैं। कुछ ठग एटीएम कार्ड का नं.और पासवर्ड पूछकर ठगी कर रहे हैं, एेसे में स्थिति और चिंताजनक है।

बगैर रजिस्टेशन के चल रहे साइबर कैफे
जिले में लंबे समय से बगैर रजिस्ट्रेशन के साइबर कैफे चल रहे हैं, लंबे समय से बिना रजिस्ट्रेशन के ग्रामीण अंचल में सबसे ज्यादा चल रहे हैं। ग्रामीण अंचल में बल्देवगढ़, खरगापुर, पलेरा, जतारा, पृथ्वीपुर, निवाड़ी, ओरछा के साथ कई गांव में भी साईवर कैफे चल रहे हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासन के पास इनकी कोई जानकारी ही नहीं है।

नियम से संचालित नहीं हो रहे साइबर कैफे
साइबर क्राइम पर रोक लगाने के लिये भारत सरकार सूचना प्रोद्योगिकी के निर्देशानुसार मप्र राज्य इलेक्ट्रानिक्स विकास निगम को राज्य स्तरीय याइबर कैफे रजिस्ट्रीकरण अभिकरण घोषित किया था। जिसके तहत साइबर कैफ या इंटरनेट कैफे का रजिस्ट्रशन करवाया जाना था।

साइबर कैफे मालिक कलेक्ट्रेट में जाकर अपने कैफे का रजिस्ट्रेशन करवाना था। जिले के अपर जिला मजिस्ट्रेट को जिला स्तरीय पंजीयन एजेंसी के रूप में अधिसूचित किया गया था। अपर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा भारत सरकार द्वारा साईबर कैफे का के लिये दिए दिशा निर्देशों के अनुसार जिले में संचालित साइबर कैफे का पंजीयन किया जाना सुनिश्चित किया गया था। परन्तु जिले में लगभग किसी भी साईबर कैफे के बोर्ड पर रजिस्ट्रेशन नंबर या रजिस्ट्रर्ड होने का चिन्ह भी अंकित नही है।

आवेदन ही नहीं आए
जिले में अभी तक किसी भी साइबर कैफे के रजिस्ट्रेशन के लिए फार्म नही आया है। मैं जल्द थाना प्रभारियों को उनके क्षेत्र में संचालित साइबर कैफे की जानकारी एवं लिस्ट के लिए निर्देशित करता हूं।
शिवपाल सिंह अपर कलेक्टर टीकमगढ़

जानकारी होना चाहिए
जिले में जो भी साईवर कैफे चल रहे है। उन्हें रजिस्टर में जानकारी रखना चाहिए। इसके अलावा नाम और परिचय अवश्य लिखना चाहिए। इस मामले में जल्द ही कार्रवाई की जायेगी।
राकेश खाखा, एएसपीटीकमगढ़

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