
Number of dengue victims reached 15, victims started coming out every day, yet NPA did not pay attention
टीकमगढ़. जिले में डेंगू का खतरा फिर से बढने लगा है। हर एक दिन छोड़ जांच में डेंगू के मरीज निकल रहे है। सबसे अधिक मरीज बड़ागांव धसान सीएचसी केंद्र क्षेत्र के है। उसके बाद बल्देवगढ़ और जतारा के रिपोर्ट में बताए है। जिसमे सबसे खराब स्थिति टीकमगढ़ नगरपालिका के वार्ड ५,१५,२१, २३ की है फिर हैदरपुर की बताई गई। उसके बाद भी जिम्मेदारों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते सोमवार को पुलिस लाइन में एक फिर से डेंगू का मरीज निकला है।
नगरपालिका क्षेत्र के चार वार्डो को गंदगी के मामले में चिन्हित किया गया है। उसके लिए मलेरिया विभाग द्वारा गंदगी हटाने और नालियों के साथ खाली प्लाटों को सुरक्षित करने के लिए पत्र भी जारी किए गए है। उसके बाद भी नगरपालिका द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण डेंगू के मरीजों की संख्या बढऩे लगी है। यह संख्या बढऩे से मरीज और परिजन तो परेशान हो ही रहे है। इसके साथ ही प्रशासन भी परेशान हो रहा है। जिसके बाद भी जिम्मेदारों द्वारा डेंगू वाले स्थानों को खत्म नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण बड़ागांव धसान सीएचसी क्षेत्र में खतरा बढऩे लगा है।
एक महीने में १५ हो गए डेंगू के मरीज
मलेरिया विभाग के अधिकारी ने बताया कि अगस्त से सितंबर तक डेंगू के १२ से अधिक मरीजों का आंकड़ा दर्ज किया गया है। उसके पहले फरवरी, मार्च और मई में भी तीन डेंगू के आंकड़े दर्ज हुए थे। शुक्रवार को डूमरऊ और सोमवार को पुलिस लाइन में डेंगू का मरीज सामने आया है। आज तक जिले में १५ मरीज सरकारी आंकड़े में दर्ज किए गए है, लेकिन निजी जांचों में हर दिन डेंगू के मरीज निकल रहे है। जिन्हें सरकारी तंत्र अपनी रिपोर्ट में दर्ज नहीं करता है।
वर्ष २०२१ में निकले थे सबसे अधिक डेंगू
पिछले वर्ष २०२१ में जिले में टीकमगढ़ जिले में १६३ के करीब डेंगू के आंकड़े दर्ज किए गए थे। वर्ष २०२२ में ७ प्रक रण दर्ज हुए थे। वर्ष २०२३ में १५ डेंगू के मरीज दर्ज हुए है। हालांकि मरीज स्वस्थ है। अधिकारी और स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर के विभिन्न स्थानों पर गंदगी फैली हुई है। सफाई कराने का प्रयास नगरपालिका द्वारा नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
लार्वा सर्व शुरू
नगरपालिका क्षेत्र के चिन्हित और बगैर चिन्हित वार्डों में दवाओं का छिडक़ाव शुरू कर दिया है। प्रतिदिन १०० घरों में एकत्रित पानी की ५०० से अधिक टंकियों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही नालियों को साफ रखने और आयल को नालियों में डालने की बात कही है।
यहां निकले डेंगू के मरीज
सबसे अधिक डेंगू के मरीज बडागांव धसान सीएचसी क्षेत्र में निकले है। जिसमें हैदरपुर, मवई, ९ टीकमगढ़ शहर, हटा बल्देवगढ़, आहार बल्देवगढ़, चंदेरी बल्देवगढ़ और बिलगांय जतारा में डेंगू के मरीज निकले है।
डेंगू के यह है लक्षण
जिला अस्तपाल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ पीएल विश्वकर्मा ने बताया कि डेंगू के लक्षण की ऐसे पहचान करें। उनका कहना था कि अकस्मात तेज सिर दर्द, बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों के घुमाने से के पीछे दर्द, जी मिचलना और उल्टी होना, नाक, मूंह, मसूडों में खून आना और त्वचा पर चकत्ते उभरना से डेंगू के लक्षण दिखाई देते है।
यह है नगरपालिका की स्थिति
नगरपालिका क्षेत्र में २७ वार्ड है। उसकी सफाई के लिए २७९ के करीब सफाई कर्मचारियों के साथ अन्य कर्मचारी तैनात है। कचरा उठाव के लिए १५ ऑटो ट्रेपर और ७ ट्रैक्टर ट्राली है। उसके बाद भी नगर पालिका के कई क्षेत्रों में जल भराव बना हुआ है।
इनका कहना
जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या १५ हो गई है। प्रोटाकॉल के तहत के मरीजों का उपचार किया जा रहा है। मरीज स्वस्थ है, सोमवार को पुलिस लाइन में डेंगू का मरीज निकला है। जिसका उपचार किया जा रहा है। नगर में फैली गंदगी की सफाई के लिए नगरपालिका को कई पत्र भेज चुके है। उसके बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
हरिमोहन रावत, जिला मलेरिया अधिकारी टीकमगढ़।
फॉङ्क्षगग की जा रही है। सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। मलेरिया विभाग से कब पत्र आया है, मुझे जानकारी नहीं है। प्रभारी से पूछना पड़ेगा।
गीता मांझी, सीएमओ नगरपालिका टीकमगढ़।
Published on:
25 Sept 2023 07:12 pm
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