12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फ्री में नही कर पाएगें श्रीरामराजा सरकार के वीआईपी दर्शन

रामराजा मंदिर में दो ई रिक्शे शुरू होंगे

2 min read
Google source verification
orchha me shri ramraja sarkar ke darshan kre online

orchha me shri ramraja sarkar ke darshan kre online

टीकमगढ़ .पर्यटन नगरी में श्रीरामराजा सरकार के दरबार में अब खड़े होकर लोगो को रात की ब्यारी नही लेनी पड़ेगी न ही प्रसादी खड़े होकर ग्रहण करनी होगी । बुंदेली परंपरा के अनुसार बैठाकर परोसकर प्रसादी का वितरण किया जाएगा। कलेक्टर अक्षय सिंह ने देर रात से यह व्यवस्था लागू करवा दी है। इसके साथ ही आस्था के केन्द्र श्रीरामराजा मंदिर में आने वाले श्रद्वालुओं को रसीद के लिए सीधी राशि देने,पर्व के दौरान भीड़ होने पर रिक्शे की सुविधा देने और वीआईपी के नाम पर फ्री में दर्शन करने वालो पर लगाम कसने की तैयारी की गई है।

निवाड़ी कलेक्टर अक्षय सिंह ने बताया कि मंदिर में रात के समय भोजन लोगो को खडे होकर दिया जा रहा था,जिसे बदला गया है। रामराजा के दरबार में सभी को बिठाकर सम्मान के साथ प्रसाद दिया जाएगा। इसके साथ ही रामराजा मंदिर में दो ई रिक्शे शुरू होंगे। जिससे मेले या किसी पर्व के दौरान 1 से 2 किमी पहले रोकी गई गाडिय़ों में बैठे वृद्धजन व निशक्तजनों को मंदिर तक लाया जा सके । जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो ।

कलेक्टर सिंह ने कहा कि श्रीरामराजा मंदिर पोर्टल जल्द लांच होगा ,उस पर ऑनलाइन दूरदराज शहरों से आने वाले श्रद्धालुओ के लिए वीआईपी दर्शन की रसीद की सुविधा उपलब्ध होगी । प्रोटोकॉल के अनुसार विशिष्ट व्यक्तियों को इस राशि की माफ ी का अधिकार मंदिर प्रबंधक कलेक्टर को होगा ।

इस व्यवस्था को लागू करने का उद्देश्य दूरदराज के अलग-अलग इलाको से आने वाले लोग खुद की विशिष्टता के नाम पर फ्री वीआईपी दर्शन की बात कर प्रोटोकॉल की दुहाई देते है । ऐसे में वह पूर्व में ऑनलाइन सूचित करना होगा कि वह कौन है । उसके बाद उनकी माफ के सर्वाधिकार कलेक्टर व मंदिर प्रबंधक को होंगे।

साथ ही इस ऑनलाइन बुकिंग में कोई विशिष्ट व्यक्ति प्रसादी व फ लमाला की व्यवस्था भी चाहता है तो उसकी राशि लेने के बाद ही मन्दिर प्रबंधन व्यवस्था ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से करेगा। ग्रामीण क्षेत्रो से रामराजा मंदिर परिसर में विवाहोपरांत हाथे लगाने की प्रथा है । ऐसे में वह मंदिर के अलग-अलग स्थानों पर हाथे लगा देते है। इसके लिए मंदिर के अलग अलग स्थानों पर एक निश्चित जगह पत्थर लगाए जाएंगे ताकि श्रद्धालु वही हाथे लगा सके ।

मंदिर में डिस्पोजल बंद करने की तैयारी
देश और प्रदेश में प्लास्टिक बंद करने के बीच मंदिर में डिस्पोजल बंद करने की तैयारी की जा रही है। यह भी प्रयास किया जा रहा है कि मंदिर समिति की बैठकों में होने वाले विचार विमर्श व राजभोग देने के दौरान लोगो को प्रसादी स्टील के बर्तन में मिले । इस दौरान डिस्पोजल का उपयोग न हो पाए । इसके साथ ही लोगो की ओर से बताया जा रहा है कि मंदिर में कटने वाली रसीदो में लोगो के द्वारा ऊपर का एक रुपए नही दिया जाता है।

जिससे हिसाब के साथ ही मंदिर प्रंबधन और श्रद्वालुओं को समस्या होती है। इसलिए यह विचार किया जा रहा है कि १५१,५०१ जैसी राशि को बंद कर सीधी राशि ली जाएगी। स्थानीय लोगो से बातचीत के बाद मंदिर परिसर के सभी तिराहों व अलग-अलग दिशाओ में जहां से जानवर घुस आते है । उन इलाकों में राउंड रेलिंग लगाई जाएगी ,जिससे जानवर अंदर न आ सके।