टीकमगढ़

1. 72 लाख पर पहुंचा मलेरिया डेंगू और फ ाइलेरिया की जांच का आंकड़ा

जिले में मलेरिया, डेंगू और फ ाइलेरिया की बीमारी को काबू में करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे है। इस वर्ष जिले में विभाग द्वारा तीनों बीमारियों के लिए 1.72 लाख लोगों की स्लाइड बनाकर जांच की गई है।

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Dec 02, 2022
Patients found less than last year, filariasis became a matter of concern


टीकमगढ़.जिले में मलेरिया, डेंगू और फ ाइलेरिया की बीमारी को काबू में करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे है। इस वर्ष जिले में विभाग द्वारा तीनों बीमारियों के लिए 1.72 लाख लोगों की स्लाइड बनाकर जांच की गई है। हालांकि इस बार इन बीमारियों से पीडि़तों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में काफ ी कम बनी हुई है।
जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत ने बताया कि पिछले वर्ष टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले में डेंगू के 296, मलेरिया 6 और फ ाइलेरिया के 232 मरीज सामने आए थे, लेकिन इस वर्ष इनकी संख्या में खासी कमी आई है। डेंगू के मरीज पिछले वर्ष की तुलना में जहां न के बराबर पहुंच गए है, वहीं मलेरिया के मात्र 2 मरीज ही सामने आए है जो चौकाने वाली बात है। हालांकि फ ायलेरिया के मरीजों की संख्या अब भी चिंताजनक स्थिति में है। पिछले वर्ष जहां फ ाइलेरिया के मरीजों की संख्या 232 थी तो इस बार 100 मरीज सामने आए है। इनमें 80 गंभीर रूप से पीडि़त है। इनकी बीमारी कभी खत्म न होने वाली बताई जा रही है। जबकि माइक्रो फ ाइलेरिया के 20 मरीज सामने आए है। हरिमोहन रावत का कहना है कि इनका उपचार शुरू कर दिया गया है। नियमित रूप से 10 वर्ष तक उपचार कराने के बाद यह रोग खत्म हो जाएगा।

दोनों जिलों में जारी है अभियान
मलेरिया अधिकारी का कहना था कि कोराना काल के बाद इस बाीमारी में कमी आई थी। अब उसको बढऩ़े से रोकने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने बताया कि जहां पर ज्यादा मरीज सामने आए हैए वहां पर नियमित रूप से दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। इसके साथ ही रात के समय फाइलेरिया के संदिग्धों की जांच की जा रही है।

फैक्ट फाइल
टीकमगढ़ और निवाड़ी जिले के आंकड़े
क्रमांक 2021 के आंकड़े 2022 के आंकड़े जांचे लक्ष्य
डेंगू 296 13 63
मलेरिया 06 02 169044
फ ाइलेरिया 232 100 2750 ४२००

इनका कहना
पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष डेंगू, मलेरिया और फ ाइलेरिया के मरीजों में राहत मिली है। विभाग द्वारा लगातार जांचों की संख्या बढ़ाई जा रही है। उसके लिए शहरीय और ग्रामीण स्तर के लिए टीमों का चयन किया गया है। फाइलेरिया बीमारी सबसे खतरनाक है, जिसकी दवाओं को खिलाया जा रहा है।
हरिमोहन रावत जिला मलेरिया अधिकारी टीकमगढ़।

Published on:
02 Dec 2022 06:47 pm
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