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लायसेंस बनवाने १२३ किमी से आ रहे आवेदक

निवाड़ी से हितग्राही लायसेंस बनवाने के लिए टीकमगढ़ आरटीओ कार्यालय में आ रहेे है, लेकिन कार्यालय में फोटो नहीं निकल पा रही है। उसके लिए दर्जनों की संख्या में आवेदक लाइनों में खडे और लेटे हुए है।

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 Photo could not be taken in three days, employees not ready to listen to the problem

Photo could not be taken in three days, employees not ready to listen to the problem


टीकमगढ़. निवाड़ी से हितग्राही लायसेंस बनवाने के लिए टीकमगढ़ आरटीओ कार्यालय में आ रहेे है, लेकिन कार्यालय में फोटो नहीं निकल पा रही है। उसके लिए दर्जनों की संख्या में आवेदक लाइनों में खडे और लेटे हुए है। तीन दिनों से यह लाइन उसी स्थान पर है। यह समस्या सर्वर डाउन से हो रही है।
शुक्रवार को पत्रिका ने परिवहन कार्यालय पहुंची। वहां पर लायसेंस बनने वाला कक्ष खुला था। जिसमें दर्जनों आवेदक लाइन में बैठे हुए थे। अधिक समय लगने के कारण कुछ आवेदक लाइन में लेटे हुए थे। उन्होंने बताया कि तीन दिनों से यही हाल है। यहां आवेदक सैकड़ों की संख्या में है। कई आवेदक तो१२३ किमी दूर से आए है। जो निवाड़ी से ४३ किमी दूर है, उसके बाद भी यहां के कर्मचारी सुुननेको तैयार नहीं है। बाबू भी अंदर बाहर घूम रहे है। उनका सिस्टम को प्राइवेट कर्मचारी चला रहा है। जिसके कारण कार्य होने में देरी हो रही है।
सर्वर डाउन से बनी बड़ी आवेदकों की संख्या
परिवहन बाबू अंकित उपाध्याय ने बताया कि सर्वर डाउन होने से फोटो नहीं निकल पा रही है। आवेदकों की संख्या अधिक होती जा रही है। सर्वर कब चालू हो जाए, इसका कोई भरोसा नहीं है। वहीं आवेदकों का कहना था कि परिवहन कार्यालय के बड़े अधिकारी से लेकर छोटे अधिकारी सभी गायब है। सिर्फ एक ही कक्ष खुला है, जिसमें फोटो निकलवाने का कार्य हो रहा है। लेकिन उसमें भी लापरवाही की जा रही है। आवेदक निवाड़ी निवासी अभिषेक यादव,आशाराम, समीर खान निवाड़ी ने बताया कि ९० किमी से प्रतिदिन आने से आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही मानसिक परेशानियां भी बढ़ रही है। यह बात परिवहन विभाग के कर्मचारी समझने का प्रयास नहीं कर रहे है। वहीं पलेरा के आलमपुरा निवासी गौरव बिदुआ ने बताया कि में बक्सवाहा में नौकरी करता है। लायसेंस के आवेदन की पूर्ति करने के लिए आया हूं। लेकिन यहां कोई समस्या सुनने को तैयार नहीं है। परिवहन अधिकारी भी नहीं बैठता है, जिससे अपनी समस्या सुनाऊ।

केस-०१
तीन दिन पहले लायसेंस बनवाने के नाम पर दो हजार रुपए ऑनलाइन फीस जमा करवा ली थी, उसका मैसेज भी मोबाइल पर नहीं आया। उसी दिन से फोटो निकलवाने के लिए अंदर बाहर हो रहा हूं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
अंकित शर्मा, निवाड़ी।

केस-२
१२३ किमी दूर पूछीकरगुवां से लायसेंस बनवाने के लिए टीकमगढ़ परिवहन कार्यालय में तीन दिनों से आ रहे है। २७ सितंबर को आए थे, २८ सितंबर का अवकाश था, फिर आज २९ सितंबर को आए है। उसके बाद भी फोटो नहीं निकल पा रही है।
नीरज यादव, पूछकरगुवां।

केस-०३
परिवहन कार्यालय में काम करवाना बहुत कठिन हो गया है। अधिकारी दिखाई नहीं देते और बाबू सुनते नहीं है। बगैर सिफारिश के काम नहीं होता है। परिवहन विभाग के कर्मचारी सर्वर डाउन का सहारा ले रहे है। इस कारण से काम नहीं हो पा रहा है। निवाड़ी के गिदखिनी से प्रतिदिन आना संघर्ष से कम नहीं है।
जितेंद्र यादव, निवाड़ी।

केस-०४
बाहर से अंदर तक फोटो निकवाले के लिए लाइन लगी है। खड़े-खड़े पैर दर्द करने लगे है। सुबह से लाइन खड़े थे, खड़े-खड़े थक गए तो लाइन में ही लेट गए है। यहां सुनने वाला कोई नहीं है। यहां की व्यवस्थाएं टीक हो जाए तो आवेदकों को समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। यहां पूछतांछ केंद्र भी नहीं बना है। जिससे समस्या को जान सकूं।
अनिल झा, गिदखिनी।