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लोकेशन पर नहीं चल रहे आधार सेंटर, आम आदमी के साथ हो रही ठगी

सरकार ने प्रत्येक व्यक्तिा के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। जिसका फायदा आधार सेंटर वाले उपभोक्ताओं से ले रहे है।

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 Post office base showpiece

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टीकमगढ़/जतारा.सरकार ने प्रत्येक व्यक्तिा के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। जिसका फायदा आधार सेंटर वाले उपभोक्ताओं से ले रहे है। उपभोक्ताओं का चाहे नवीन आधार हो या फिर सुधार हो उसके लिए एक चार्ज २०० से ३०० रुपए है। जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं से ठकी को रोकने के लिए पीडि़तों ने प्रशासन से शिकायत की है।
लोकेशन पर नहीं चल रहे आधार सेंटर
ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को गांव में ही सुविधा उपलब्ध हो। इसलिए शासन में ग्रामीण इलाकों में आधार सेंटर स्थापित किए थे। लेकिन आधार सेंटर संचालक कहीं की आईडी और कहीं चला रहे हैं। अपने ही गांव की जगह नगर में बेखौफ दुकान खोले हुए जो अवैध रूप से संचालित की जा रही है। करण सिंह ठाकुर, जानकी आदिबासी, भैयादीन पाल, सुरेंद्र कुशवाहा ,कन्हैया, मनप्यारे, पप्प और देशराज ने बताया कि आधार कार्ड बनवाने आए थे। 200 रुपए की मांग की है। आधार कार्ड जनरेट नहीं होता है तो फि र से पैसों की मांग की जाती है। जिससे उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बैंकों में किया जा रहा आधार कार्ड बनाने का कार्य
नगर में करीब आधा दर्जन से अधिक जगहों पर आधार कार्ड बनाने का कार्य किया जा रहा है। लेकिन रजिस्टर्ड मध्यांचल ग्रामीण बैंक में ही आधार कार्ड बनाने का कार्य किया जा रहा है। जबकि आधा दर्जन से अधिक आधार सेंटर अवैध रूप से तहसील के पास बालक स्कूल के सामने, कन्या स्कूल के सामने, नायक चौराहा पर संचालित किए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं से मनमानी शुल्क वसूल रहे है।


यह है नियम
शासन द्वारा आधार कार्ड कार्ड बनाने के लिए कोई भी शुल्क लागू नहीं होता है। आधार कार्ड निशुल्क बनाया जा रहा है। सुधार के लिए ३० रुपए शुल्क है।
डाकघर का आधार सेंटर बना शोपीस
शासन के निर्देश पर आमजन की सुविधा को देखते हुए आधार कार्ड बनाने का कार्य डाकघर को दिया गया था। जिसमें डाकघर में आधार मशीनें स्थापित करके आधार कार्ड बनवाई जाने थे। डाकघर में प्रारंभिक समय में कुछ दिनों तक आधार कार्ड बनाए गए। लेकिन करीब 1 साल से डाकघर में रखी आधार कार्ड बनाने के उपकरण धूल खा रही हैं। डांकअधिकारी ने कर्मचारियों की कमी को बताया है।
इनका कहना है
यह गंभीर मामला है। उपभोक्ताओं से आधार बनवाने के नाम पर अवैध वसूली पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
एसडी प्रजापति तहसीलदार जतारा