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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ उन्नयन, लेकिन नहीं मिले डॉक्टर और सुविधाएं

बम्होरीकलां स्वास्थ्य केंद्र।

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बम्होरीकलां स्वास्थ्य केंद्र।

बम्होरीकलां स्वास्थ्य केंद्र।

8 साल से ओपीडी में नहीं बैठे डॉक्टर मरीज हो रहे परेशान

टीकमगढ़. पलेरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बम्होरीकलां में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र था। अधिक गांव जुडे होने के कारण उसका उन्नयन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कर दिया गया था। यहां पर पदस्थ डॉक्टरों को पलेरा के बीएमओ कार्यालय में अटैच कर दिया है। लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था बद से बदत्तर बनी हुई है। जिसके कारण मरीजों को उप्र के मऊरानीपुर और पलेरा उपचार के लिए जाना पड़ रहा है। वहीं मंगलवार को १७ कर्मचारियों में से तीन कर्मचारी ही उपस्थित मिले।
ग्रामीणों ने बताया कि बम्होरीकलां से दर्जनों की संख्या में गांव जुड़े है। उसके अनुसार स्वास्थ्य केंद्र का संचालन किया जा रहा है लेकिन आठ वर्षों से यहां पर स्थाई डॉक्टर नहीं आया है। जबकि जनप्रतिनिधियों के साथ ही अधिकारियों द्वारा बड़े-बड़े दावे किए गए है। उसके बाद भी यहां की जनता को सुविधाएं नहीं मिल पाई है। जिसके चलते यहां की जनता वर्षों से डॉक्टर की मांग करती आ रही है। लेकिन जिम्मेदारों द्वारा ग्रामीणों की आवाज पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

आज की यह है स्थिति
सोमवार और मंगलवार को पत्रिका की टीम ने बम्होरीकलां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हालातों का जायजा लिया तो वहां की स्थिति बद से बदत्तर थी। डॉक्टर और स्टाप नर्स दिखाई नहीं दे रहे थे और मरीज उपचार के लिए डॉक्टरों की खोज कर रहे थे। कई मरीज को बरामदे में दर्द के कारण कराह रहे थे। परेशान होकर मरीज उप्र के मऊरानीपुर और पलेरा के साथ जतारा स्वास्थ्य केंद्र का रूख कर रहे थे।

स्वास्थ्य सुविधाओं वेहतर बनाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए पांच करोड़ 87 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। इससे यहां का भवन निर्मित हो रहा है। डॉक्टर महेंद्र पटेल को बम्होरी कलां की जगह विकास खंड मुख्यालय के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा में बीएमओ का प्रभार देखने का जिम्मा दे दिया है। उसके बाद भी जिम्मेदार विभाग ने नवीन पदस्थापना के आदेश जारी नहीं किए है और जिन कर्मचारियों और स्टाप नर्सों को पदस्थ किया गया है, वह प्रतिदिन मुख्यालय छोड़ रहे है। जिससे आमजनों को अन्य उपचार के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

१७ में से तीन कर्मचारी मिले उपस्थित
बताया गया कि यहां पर १७ कर्मचारी तैनात है, लेकिन ड्यूटी पर बहुत ही कम नजर आते है। इनमें से सिर्फ तीन कर्मचारी उपस्थित मिले। जिसमें लैब टेक्नीशियन आनंद कुमार अहिरवार , आयुष फ ार्मासिस्ट हरनारायण राजपाली, एएनएम दुर्गा प्रजापति उपस्थित मिले। यहां के निवासी सलीम शाह ने बताया कि यहां पर कोई स्टाफ नहीं रहता है। उन्होंने बताया कि यहां पर आठ साल से ओपीडी में कर्मचारी नहीं है।
इनका कहना
आमजनों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए डॉक्टरों और स्टाप को पदस्थ किया गया है, अगर उनके द्वारा मरीजों का उपचार नहीं किया जा रहा है और समय पर ड्यूटी करने नहीं पहुंच रहे तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
डॉ शोभाराम रोशन, सीएमएचओ टीकमगढ़।