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संपदा वन में बंद हो गईं रजिस्ट्री, अब केवल 2.0 पर हो रहे जमीनों के सौदे

टीकमगढ़. पंजीयक कार्यालय में 1 अप्रेल से संपदा 1. सॉफ्टवेयर बंद कर दिया गया है। अब केवल संपदा 2. सॉफ्टवेयर पर संपत्तियों का पंजीयन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह सॉफ्टवेयर एआइ (आर्टिफि शियल इंटेलिजेंस) तकनीक पर काम करता है। ऐसे में अब काम करने का तरीका भी बदल गया है।

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जिला पंजीयक कार्यालय।

जिला पंजीयक कार्यालय।

आधार कार्ड से खुद उठाया जाएगा क्रेता और विक्रेता का रिकॉर्ड, फर्जीवाड़ा रोकने का दावा

टीकमगढ़. पंजीयक कार्यालय में 1 अप्रेल से संपदा 1. सॉफ्टवेयर बंद कर दिया गया है। अब केवल संपदा 2. सॉफ्टवेयर पर संपत्तियों का पंजीयन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह सॉफ्टवेयर एआइ (आर्टिफि शियल इंटेलिजेंस) तकनीक पर काम करता है। ऐसे में अब काम करने का तरीका भी बदल गया है। इस सॉफ्टवेयर से काम होने पर अब बेनामी संपत्तियों की रजिस्ट्री रुक जाएगी और आमजनों को सुविधा मिलेगी। रजिस्ट्री के लिए अब सिर्फ क्रेता और विक्रेता ही कार्यालय में आएगा। जिला पंजीयक अधिकारी बालेंद्र ङ्क्षसह ने बताया कि संपदा 1 सॉफ्टवेयर निजी कंपनी का था। संपदा २ सॉफ्टवेयर सरकार का है। यह एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक पर काम करेगा। जहां की रजिस्ट्री होगी वहां की लोकेशन गूगल मैप द्वारा ली जाएगी। पक्षकारों को रजिस्ट्री के ङ्क्षप्रट की जगह उसके मोबाइल पर ई-रजिस्ट्री पहुंचेगी। जिसमें फ्रॉड का कार्य भी खत्म हो जाएगा। यह प्रक्रिया पारदर्शी बनाई गई है। जिसके माध्यम से पक्षकार देश व विदेश में कहीं से भी वीडियो के माध्यम से भी रजिस्ट्री करा सकेंगे।

गवाहों की पहचान डिजिटल रूप से होगी

संपदा 2.0 को डेढ़ महीने पहले ही शुरू कर दिया गया था। इसके साथ ही यहां पर संपदा 1 भी चलाया जा रहा था, लेकिन अब इसे पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इसमें अब रजिस्ट्री कराने गवाहों की जरूरत नहीं पड़ेगी। इनके आधार से नाम और फोटो लिया जाएगा। रजिस्ट्री के बाद नगर पालिका में संदेश जाएगा। जिसमें अब के्रता को नामांतरण करने में आसानी होगी। ऐसे में अब साइबर तहसील 2 के तहत शहर में प्लॉट का भी नामांतरण आसान होगा।

ओटीपी के बिना नहीं होगी प्रक्रिया

अब रजिस्ट्री के लिए आधार या पैन कार्ड से सर्विस प्रोवाइडर के यहां रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू होगा। रजिस्ट्री में आधार का ओटीपी मिलेगा। इसमें आधार में दर्ज मोबाइल पर ही ओटीपी जाएगी और इसके बिना प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। आधार या पैन कार्ड से ही रजिस्ट्री हो पाएंगी। यदि आधार या पैनकार्ड नहीं है, तो पक्षकारों के डिजिटल हस्ताक्षर करने होंगे। इसमें गवाहों की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इनका कहना है

&इस नए सॉफ्टवेयर से आम जनता के साथ ही विशेष रूप से बुजुर्गों को लाभ होगा। जिन्हें बार-बार पंजीयन कार्यालय आने में परेशानी होती थी। इसके साथ ही रजिस्ट्री प्रक्रिया में होने वाली फर्जी गतिविधियों पर भी रोक लगेगी।

-बालेंद्र ङ्क्षसह, जिला पंजीयक टीकमगढ़।