
Sarva Shiksha Abhiyan and Education Department one
टीकमगढ़..प्रदेश में भी छत्तीसगढ़ की तर्ज पर अब सर्व शिक्षा अभियान और शिक्षा विभाग एक होगा। प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा कक्षा १ से ८ तक चल रहे सर्व शिक्षा अभियान और कक्षा ९ से १२ तक चल रहे राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को एक बनाकर समग्र शिक्षा अभियान का नया नाम दिया जा रहा है। सबसे बडे विभाग के रूप में पहचाने जाने वाले शिक्षा विभाग में अब एक ही अधिकारी का नियंत्रण रहेगा।
इस नई कार्ययोजना को मूर्त रूप देने के लिए प्रारंभिक तैयारी की जाने लगी है। खास बात है कि दोनो अभियानो के विलय हो जाने के बाद न केवल अकेडमिक काम में तेजी आएगी बल्कि एक नियंत्रण कर्ता होने से कर्मचारियो की लापरवाही के साथ ही काम को भी गति मिलेगी।
इस तरह होगा नया स्वरूप
प्रदेश में फिलहाल स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा कक्षा १ से १२ तक के लिए दो विभागो का समन्वय किया जा रहा है। कक्षा १ से ८ तक चल रहे सर्व शिक्षा अभियान के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र के माध्यम से डीपीसी का नियंत्रण होता है।
इन कक्षाओ के लिए शैक्षणिक गतिविधि के साथ ही अन्य व्यवस्थाओ के लिए सीधे तौर पर डीपीसी का नियंत्रण होता है। वही कक्षा ९ से १२ तक चल रहे राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिला शिक्षा अधिकारी जबाबदार होता है।
दोनो विभाग मूल रूप से स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन होने के बाद भी अलग अलग काम कर रहे है। डीपीसी एच सी दुबे ने बताया कि विभाग के द्वारा तैयारी की जा रही है कि दोनो ही अभियानो को नया नाम देकर समग्र शिक्षा अभियान बनाया जाए। जिसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय और राज्य शिक्षा केन्द्र योजना का खाका तैयार कर रहे है। नए शिक्षण सत्र से इसके कारगर होने की उम्मीद है।
एक अधिकारी के नियंत्रण में होगा विभाग
योजना के तहत अब १ से १२ कक्षाओ के लिए एक ही अधिकारी का नियंत्रण होगा। यदि प्रदेश में भी छत्तीसगढ़ सरकार की योजना को अमल में लाया जाता है तो जिला शिक्षा अधिकारी पावरफुल होगें। खास बात है कि एक ही अधिकारी का नियंत्रण होने से अकेड़मिक कार्य तेजी से होने के साथ ही बजट के कारण कार्य में होने वाली लेटलतीफी की समस्या सामने नही आएगी। एक अधिकारी का नियंत्रण होने से कर्मचारियो पर भी पूरी तरह से नियंत्रण हो पाएगा।
Published on:
14 May 2019 01:00 am
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