
जनपद पंचायत जतारा
कागजों में निकाली राशि , नहीं किराए गए चार निर्माण कार्य
टीकमगढ़. जतारा Îजनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत सतगुवां में मनरेगा योजना के निर्माण कार्यों में कागजों के घोड़े दौड़ाए गए है। लेकिन धरातल पर एक भी काम दिखाई नहीं दिए है। जिसके लिए जनपद पंचायत सीईओ ने ग्राम पंचायत जिम्मेदारों को २४ सितंबर को पेश होने का नोटिस जारी किया है।
ग्राम पंचायत में पदस्थ तत्कालीन कर्मचारियों को जारी किए गए नोटिस में बताया कि सतगुवां ग्राम पंचायत मनरेगा योजना के तहत विभिन्न निर्माण कार्य ५८९६४६६ रुपए में किए गए है। इन निर्माण कार्यों की शिकायत पर जांच की गई, जांच के दौरान धरातल से 15वां, 5 वां वित्त का कार्य गायब था। बताया गया कि सचिव, रोजगार सचिव के साथ उपयंत्री ने कागजोंं में निर्माण कार्य करके मूल्यांकन भी कर दिया है। शासन की लाखों रुपए की राशि का बंदरबांट करके दुरुपयोग कर दिया है। जनपद पंचायत जतारा के सीईओ सिद्ध गोपाल वर्मा ने एक पत्र जारी करते हुए कहा कि विभागीय जांच की जा रही है। जिसमें लाखों रुपए का फ र्जीवाड़ा किया गया ह और जांच के दौरान मौके पर निमार्ण कार्य नहीं है और कागजों में कर दिए गए हैं, जिसमें सहायक यंत्री, उपयंत्री सेक्टर सतगुवां, तत्कालीन सचिव शाहिद खान शामिल है। उन्होंने कहा कि विधानसभा आम निर्वाचन 2023 प्रभावशील होने के बाद भी राजनैतिक दलो के बैनर, पोस्टर इत्यादि नहीं हटवाएं गए है। इनके द्वारा आदर्श आचरण संहिता का पालन नहीं किया गया। उनके कथन के लिए २४ सितंबर को बुलाने के लिए नोटिस जारी किए गए है।
इन चार निर्माण कार्यों की निकाली राशि
गुरुवार १९ सितंबर को जिला पंचायत सीईओ के नाम जारी किए पत्र में जतारा जनपद पंचायत सीईओ सिद्धगोपाल वर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत सतगुवां में पहला कार्य २ लाख ७५ हजार रुपए से परमानंद यादव के मकान से द्वजी जी नाला तक निर्माण किया जाना था। जिसकी राशि २ लाख रुपए निकाल लिए है। दूसरा निर्माण कार्य २ लाख २४ हजार रुपए से नाली निर्माण दुली विश्वकर्मा के घर तक की जानी थी, जिसमें से २ लाख रुपए निकाल लिए है। तीसरा निर्माण कार्य २ लाख २० हजार रुपए से चेनू साहू के मकान से मुन्ना अहिरवार के मकान तक नाली निर्माण किया जाना था, जिसमें २ लाख रुूपए निकाल लिए है। चौथा निर्माण कार्य ५ लाख ९२ हजार रुपए कंचनपुरा स्कूल से हरिजन वस्ती तक सीसी सडक़ निर्माण की जानी थी, जिसमें से ३ लाख रुपए निकाल लिए है। इस कार्य में २० फीसदी निर्माण कार्य हुए है। बाकी मनरेगा के निर्माण कार्यों का शुभारंभ नही किया गया है। लेकिन तत्कालीन सचिव ने गलत जानकारी दी है। सरक ारी राशि का फर्जी तरीके से आहरण किया गया है। जहां निर्माण कार्यों पर जांच की जा रही है। संबंधित कर्मचारी पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
Updated on:
22 Sept 2024 08:38 pm
Published on:
22 Sept 2024 08:37 pm
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