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मंदिर में लगे स्पीकर को एसडीएम ने निकलवाया, विरोध पर वापस किया

लोग बोले-एसडीएम की नींद में खलल होने से हटाए गए लाउडस्पीकर

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मंदिर में लगे स्पीकर को एसडीएम ने निकलवाया, विरोध पर वापस किया

मंदिर में लगे स्पीकर को एसडीएम ने निकलवाया, विरोध पर वापस किया

जतारा. जतारा में एसडीएम के आदेश पर दो मंदिरों से लाउडस्पीकर जप्त किए जाने से नाराज लोग सड़क पर उतर आए। सड़क पर जाम लगाया और सुंदरकांड का पाठ भी किया। प्रदर्शन से पूरे दिन नगर में सरगर्मी रही। बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए साउंड सिस्टम मंदिर को वापस कर दिए गए। गुरुवार को एसडीएम जतारा संजय सौरभ के निर्देश पर दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर और नरसिंह मंदिर गए तहसीलदार सतीश वर्मा के साथ थाना प्रभारी आनंद सिंह व पुलिस दल ने लाउडस्पीकर निकलवा दिए। पुलिस दल सुबह 5 बजे जतारा ही मंदिर पहुंच गया था, जिसने साउंड सिस्टम कब्जे में ले लिया। इस मामले को लेकर पुजारियों एवं स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस से संपर्क किया, लेकिन किसी ने उनकी बात नही सुनी।
लोग बोले- ऐसा किसी ने नहीं किया:प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि सुबह से मंदिर में भजन बजने से एसडीएम की नींद में खलल पड़ता है।
इसलिए यह साउण्ड सिस्टम निकलवाए गए है। प्रदर्शन कर रहे राघवेन्द्र मिश्रा, रोहित चौरसिया, अक्कू राजा, रानू खरे सहित अनेक लोगों का कहना था कि इन मंदिरों पर वर्षों से ब्रह्म मुहुर्त के बाद से साउण्ड सिस्टम पर भजन लगाए जाते है। ऐसा आज तक किसी अधिकारी ने नहीं किया।
प्रदर्शन करने वालों में विहिप के जिलाध्यक्ष राजकुमार पाठक, भाजपा जिला महामंत्री अभिषेक खरे रानू, मुकेश तिवारी, रोहित चौरसिया, कुंचे रैकवार, गजेन्द्र रैकवार, विजय तिवारी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। सड़क पर प्रदर्शन के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई।

शुक्रवार को इस मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के साथ ही अन्य सामाजिक संगठनों के लोग सड़क पर उतर आए और पूरे बाजार में प्रदर्शन किया। दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के सामने बसस्टैंड पर जाम लगा दिया। यह जाम लगभग दो घंटे लगा रहा। इस दौरान तमाम वाहन जाम में फंसे रहे। जाम लगाए बैठे लोगों ने यहीं पर सुंदरकाण्ड का पाठ किया। इस बीच जाम की खबर पाकर एएसपी एमएल चौरसिया, तहसीलदार सतीश वर्मा, ट्रेनी एसडीएम, थाना प्रभारी आनंद सिंह के साथ भारी मात्रा में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। यहां पर बैठे लोगों का कहना था कि मंदिरों से साउण्ड सिस्टम आखिर क्यों निकाले गए। यदि निकालने है तो सभी मंदिरों एवं मस्जिदों के निकाले। क्या केवल मंदिरों के साउण्ड से ही नींद खराब होती है। इस पर अधिकारियों ने सभी को समझाईश दी और साउण्ड सिस्टम वापस किए।

यहां पर सुबह 3.30 बजे से साउण्ड बजते थे। ऐसे में कोलाहल अधिनियम के तहत कार्रवाई कर साउण्ड जब्त कराए गए थे। पुजारियों से कहा गया था कि वह लिखकर दे कि आगे से इतनी सुबह से साउण्ड नहीं बजाएंगे। इसे लेकर लोगों ने जाम लगाया था। मंदिरों के साउण्ड सिस्टम वापस कर दिए गए है।
संजय सौरभ, एसडीएम जतारा।