
कृषि विभाग
कृषि विभाग ने नोटिस देकर एफआईआर कराने की जा रही तैयारी
टीकमगढ़.कृषि विभाग ने १७ बीज और चार कीटनाशक दवाओं के सैंपल लिए थे। उन्हें प्रयोग शाला जांच के लिए भेजा गया। जिसमें से चार बीज के सैंपल अमानक निकल आए है। विभाग ने संबंधित समितियों के खिलाफ तीन दिनों के लिए नोटिस भेजा है। अब विभाग ने एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी भी कर ली है। जबकि उन बीज उत्पादन सहकारी समितियों और बीज निगम के कर्मचारियों ने उपज के नाम पर महंगे दामों में बेचे गए बीज से किसानों को खुलेआम लूटा है।
शासन द्वारा जून में खरीफ बीजों के दाम तय नहीं हुए थे, लेकिन बीज उत्पादन समितियों ने उड़द ११० रुपए किलो और सोयाबीन ६६ रुपए से लेकर ८० रुपए किलो में बेचा था। उसके कुछ दिनों बाद बीज की रेट सूची आई थी। उनके द्वारा उपज के नाम पर महंगे दामों में किसानों को बीज बेचा गया। कई किसानों ने तो दोवारा बीज बोया और कई के खेत आज भी खाली पड़े है। जिसमें किसानों को काफी नुकसान सहना पड़ा। उसके बाद कृषि विभाग ने प्रयोग शाला में बीजों की जांच के लिए सैंपल लिए गए, जिसमें से एक चौथाई बीज बीज सैंपल अमानक पाए गए। जबकि पत्रिका ने १२ जून को बाला जी बीज उत्पादन समिति और मप्र राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम प्रक्षेत्र कुण्डेश्वर की खबर को प्रकाशित किया था।
इन संस्थाओं को बीज निकले अमानक
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मप्र राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम प्रक्षेत्र कुण्डेश्वर का सोयाबीन, बाला जी वेयर हाउस बीज उत्पादन समिति का उड़द, यादव बीज भंडार विक्रेता का उड़द और जयंती बीज उत्पादन समिति से तिल का सैंपल लिया गया था। उसकी जांच कराने प्रयोग शाला भेजा गया था। इन सभी के बीज अमानक पाए गए है। खास बात यह है कि सरकारी संस्था मप्र राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम प्रक्षेत्र कुण्डेश्वर का भी बीज अमानक निकला है। जिनके द्वारा किसानों को सैकड़ों क्विंटल बीज बेचा गया है।
कीटनाशक के चार और बीज के १७ लिए थे सैंपल, एक पर होगी एफआईआर
बताया गया कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने कीटनाशक दवाओं के ऑनलाइन चार और बीज के १७ सैंपल लिए थे। जिसमें मप्र राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम प्रक्षेत्र कुण्डेश्वर सहित चार के बीज प्रयोग शाला में फैल हो गए है। विभाग द्वारा सभी संस्थाओं को तीन दिनों का नोटिस दिया गया है। उसमें एक बालाजी बीज उत्पादन सहकारी समिति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की योजना बनाई जा रही है।
विभाग को यह करना था
खरीफ फसलों की बोवाई के पहले कृषि विभाग को एम टीम का गठन करना था। फिर जिले के सभी क्षेत्रों के साथ बीज निगम, बीज उत्पादन समितियों से बीज के सैंपल लिए जाने थे। प्रयोग शाला में भेजकर नियत समय तक बीजों की जांच रिपोर्ट मांगी जानी थी। जिसमें अमानक और मानक बीज को अलग रखा जाना था। फिर किसानों को बेचने के लिए निर्देश जारी करने थे, लेकिन विभाग ने यह नहीं करके। बोवाई के बाद बीज और कीटनाशक दवाओं के सैंपल लिए। जिसमें किसानों को लाखों रुपए का नुकसान सहना पड़ा।
इनका कहना
विभाग के कर्मचारियों द्वारा बीज और कीटनाशक दवाओं के सैंपल लिए गए है। तीन दिन के लिए नोटिस दिए गए है। उसके बाद बीज उत्पादन समितियों को निलंबित किया जाएगा। इसके बाद एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी।
अशोक कुमार शर्मा, उपसंचालक कृषि कल्याण विभाग टीकमगढ़।
Published on:
02 Aug 2024 07:49 pm
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