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प्रजा का टटोला मन, राजा राम अब दो घंटे पहले देगें दर्शन

कोई बोला प्राचीन परंपराओं से खिलवाड़, तो किसी को लगा श्रद्वालुओं को होगी सुविधा

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Shri Ram Raja sarkar Temple Tourism city orchha

Shri Ram Raja sarkar Temple Tourism city orchha

टीकमगढ़..पर्यटन नगरी ओरछा में विराजे श्रीरामराजा सरकार मंदिर के समय परिवर्तन को लेकर श्रद्वालुओ की प्रतिक्रियाएं आने लगी है। 14 अगस्त सावन तीज के मेले से शाम को मंदिर के पट खुलने के समय में बढ़ोत्तरी की जा रही है। अब मंदिर के पट 2 घंटे पहले खोले जाने की तैयारी है। कार्तिक से फागुन तक शाम 7 बजे के स्थान पर 5 बजे और फागुन से क्वांर तक 8 बजे के स्थान पर 6 बजे मंदिर का समय किया जा रहा है। जिसे लेकर सोशल मीडिया पर पक्ष विपक्ष में लोगो की राय आने लगी है।


प्रशासन का यह है तर्क-
मंदिर के समय को लेकर किए जा रहे बदलाव को लेकर कलेक्टर और मंदिर के प्रशासक अभिजीत अग्रवाल का कहना था कि सुबह के समय में कोई बदलाव नही किया गया है। सुबह 8 से 1 बजे तक और 7 से 12.30 तक मंदिर खुलने के बाद सीधा 7 और 8 बजे रात में पट खुलने से कई श्रद्वालुओं को भगवान के दर्शन नही मिल पाते है। दूर दूर से आने वाले लोगो के मन में अपने राजा राम की एक झलक की कसक रह जाती है। भगवान राजा के रूप में पूजे जाते है,कोई भी राजा प्रजा की परेशानी नही देख सकते है। उनका कहना था कि लोगो की राय के बाद ही निर्णय लिया गया है। कलेक्टर का कहना था कि मंदिर पहुंचने

समय परिवर्तन को बता रहे पंरपरा से खिलवाड-
राजा राम के दरबार की पंरपरा बताते हुए लोगो ने इसका विरोध भी करना शुरू कर दिया है। वही कई समाजसेवी सही बता रहे है। ओरछा निवासी एडवोकेट ओमप्रकाश जैन और संतोष पटैरिया का कहना था कि निर्णय स्वागत योग्य है। देशी और विदेशी श्रद्वालुओं को सुबह के समय जरा सी देर होने के कारण 6 से 7 घंटे इंतजार करना पडता है।

सीनियर अधिवक्ता ब्रहमदेव शर्मा का कहना था-
कि लोकतंत्र में सब अपनी राय दे सकते है। लेकिन विरोध करने वालों ने उस समय विरोध नही किया जब राजा राम के मंदिर में श्रद्वालुओं की आस्था से दान की गई राशि से घोटाले किए जा रहे थे। उन्होंने बदलाव को श्रद्वालुओं के हित में बताया। वहीं नगर के समाजसेवी कपिल मिश्रा और अशोक शर्मा कहते है कि भगवान राम को राजा के रूप में पूजने की पंरपरा है,राजा का अपना दरबार का समय निर्धारित होता है, कोई उनका समय कैसे बदल सकता है। मामले को लेकर संगठनों के द्वारा प्रदर्शन और ज्ञापन की तैयारी की जा रही है। वहीं कई लोगो के द्वारा सोशल मीडिया पर विरोध दर्ज कराया जा रहा है।