
Speak Attack on Government
टीकमगढ़.प्रदेश में भावांतर के नाम पर किसानों के साथ छलावा किया जा रहा है। देश में दंगेें करवाने का काम भाजपा के द्वारा किया जाता है। सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान आत्महत्या कर रहे है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र और राघौगढ़ से कॉग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने यह बात रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए कही। वह जिले में दो किसानों के द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामलों की जानकारी करने आए थे। रविवार दोपहर करीब १ बजे जयवर्धन सिंह पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह के निवास पर पहुुंचे।जहां कॉग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाक ात करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उनका कहना था कि कॉग्रेस के द्वारा प्रदेश में किसानों की आत्महत्या के मामलों की जांच के लिए तीन विधायकों की कमेटी बनाई गईहै। इस कमेटी में शामिल होने के कारण वह बल्देवगढ़ के बाबाखेरा और पृथ्वीपुर के बरगोला खिरक में हुई किसानों की आत्महत्या के मामले में परिजनों से मिलने आए है।
भाजपा कराती है दंगें
विधायक जयवर्धन सिंह का कहना था कि प्रदेश में किसान बदहाल है,भावांतर योजना एक बहुत बड़ा खेल है । जिसमें किसानों को उलझाया जा रहा है। उनका कहना था कि पलायन के कारण गांव खाली हो रहे है। प्रदेश के सरकारी कार्यालयों के बाहर भाजपा के दलाल बैठे रहते है। एक दिन पहले सहकारिता मंत्री विश् वास सारंग द्वारा कॉग्रेस पर दंगें करवाने की बात का जबाब देते हुए जयवर्धन सिंह का कहना था कि भाजपा ही देश में दंगें करवाती है। किसी भी भाजपा नेता ने पीडि़त किसानों के घर जाकर परिजनों से मिलना मुनासिब नहीं समझा।पिछले तीन साल से किसान मौसम की मार झेल रहा है। सूखा राहत की घोषणा की गई,लेकिन मुआवजा राशि किसी को नहीं मिली। वहीं किसानों को फ सल बीमा का भी लाभ नहीं मिला। यहां तक कि गांव में लोगो का पलायन रोकने के लिए रोजगार तक सरकार नही दे पा रही है।
बाबाखेरा में मिले किसान के परिजनों से
बल्देवगढ़ के बाबाखेरा में 31 दिसम्बर को हजारी आदिवासी ने फ ाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृ़तक के परिजनों से मिलने पहुंचे विधायक सिंह ने मृतक की पत्नी ने पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने पीडि़त के बच्चों और परिजनों की स्थिति देखते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उनका कहना था कि प्रदेश में किसान की आत्महत्याओं के मामले लगातार सामने आ रहे है। इसके बाबजूद भी सरकार और प्रदेश के मामा की सरकार अंधी बनी हुई है। उनका कहना था कि हजारी की मौत का कारण परिजनों द्वारा कर्ज होना बताया गया है। जिसमे मृतक ने पिता के इलाज के लिए 10 हजार रुपये में जमीन को गिरवी रख दिया था। सरकार को किसान की मौत के बाद अब भी सबक ले लेना चाहिए। इस दौरान पूर्व मंत्री यादवेन्द्र सिंह,सुरेंद्र सिंह गौर,मंडी अध्यक्ष सूूूूर्य प्रकाश मिश्रा,देवेन्द्र नापित,संजय नायक,हबीब राईन,अरविंद्र खटीक,अनिल भार्गव,आकाश तिवारी,शाहिद बेग,इसरायल खान,पुष्पेन्द्र यादव सहित बड़ी संख्या कॉग्रेसी मौजूद रहे।
Published on:
08 Jan 2018 03:00 pm

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