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एक दिन पहले कलेक्टर ने किया था निरीक्षण, लेकिन कम नहीं हुई किसानों की समस्याएं

डीएपी के लिए टोकन और कागजों की लंबी लाइन।

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डीएपी के लिए टोकन और कागजों की लंबी लाइन।

डीएपी के लिए टोकन और कागजों की लंबी लाइन।

डीएपी खाद लेने टोकन और कागजों की लगाई लाइन, दूर खड़े होकर किसान नंबर का कर रहे इंतजार

टीकमगढ़. जतारा के सरकारी वेयर हाउस पर खाद का संकट कम नहीं हो रहा है। खाद के लिए दिए गए टोकन और कागजों की लंबी लाइन लगाकर किसानों को दूर खड़ा कर दिया है। किसान सुबह से शाम तक नंबर का इंतजार करता रहा, लेकिन बगैर खाद के वापस लौटना पड़ा। जबकि गुरुवार को तहसील का निरीक्षण करने आए कलेक्टर अवधेश शर्मा ने खाद वितरण केंद्र का निरीक्षण किया था। उसके बाद भी खाद की समस्या कम नहीं हुई है।
शुक्रवार की सुबह से खाद लेने के लिए किसानों की संख्या हजार में पहुंच गई थी। सुबह से राजस्व विभाग के साथ अन्य विभाग के अधिकारियों ने किसानों को खाद देने के लिए टोकन बनाए गए थे। दिन भर में ५०० टोकन बनाए गए। वेयर हाउस के चबूतरा पर किसानों को दूर करके मुख्य द्वार से चबूतरे के अंतिम छोर तक टोकन और दस्तावेजों को रखवाकर लाइन लगाई गई। उसकी सुरक्षा और सिस्टम से खाद वितरण करने के लिए पुलिस जवानों को तैनात किया गया। किसान दूर खड़े होकर नंबर का इंतजार करते रहे।

१३५० रुपए की जगह १८०० रुपए में व्यापारी बेच रहे खाद
किसानों ने बताया कि बाजार में व्यापारियों द्वारा भी डीएपी, एनपीके और यूरिया बेचा जा रहा है। लेकिन डीएपी १३५० रुपए तक १८०० रुपए, यूरिया २६७.५० रुपए की जगह ४५० रुपए और एनपीके १२०० रुपए की जगह १५०० रुपए में बेची जा रही है। उसके बाद खाद की क्वालिटी की गारंटी भी नहीं है। किसानों ने बताया कि प्रशासन ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं करा पायाा। जिसके कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इनका कहना
किसानों को डीएपी खाद वितरण करने शुक्रवार से टोकन दिए गए है। वितरण राजस्व विभाग की टीम और पुलिस द्वारा वितरण केंद्र पर निगरानी की जा रही है।
राजकुमार सोनी, प्रभारी वेयरहाउस जतारा।