
The faces of the farmers blossomed due to the first monsoon rains
टीकमगढ़. खरीफ फसलों की तैयारियां किसान और कृषि विभाग ने कर ली है लेकिन दोनों के पास बोने के लिए पर्याप्त बीज की व्यवस्था नहीं है। कृषि विभाग के पास दोनों जिले के एरिया अनुसार उड़द, सोयाबीन, मूंग और मोटे अनाज का बीज उपलब्ध नहीं है। निजी दुकानों और वेयर हाउसों पर बीज की महंगाई आसमान छू रही है। ऐसे बीज को खरीदने के लिए किसान हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है।
किसान एक महीने से खरीफ फसलों को बोने के लिए खेतों को तैयार कर रहा है। जिसमें मिट्टी परीक्षण और गोबर खाद को डाल रहा है लेकिन नई किस्म का बीज खरीदने में सामर्थ नहीं जुटा पा रहा है। हालांकि इस वर्ष मूंगफली, उड़द और सोयाबीन बीज की नई किस्त विभाग लाया है। वहीं निजी दुकान और वेयर हादसों पर उड़द १२० से १८० रुपए किला, सोयाबीन ८० से ९५ रुपए किला, मक्का ११० से १६० रुपए किला, मूंगफली १२० रुपए किला, मूंग १२० से १५० रुपए किला,ज्वार २५० रुपए किलो और धान ८० रुपए किलो बेची जा रही है।
यह दोनों जिलों का रकबा और बीज की उपलब्धता
टीकमगढ़ जिले में खरीफ फसलों को एरिया २ लाख ३१ हजार २८० हेक्टेयर रखा गया है। उसके लिए बीज ३७०४१ क्विंटल रखना ज रूरी था, लेकिन ५९५७ क्विंटल बीज विभाग के पास रखा हुआ है। वहीं निवाड़ी जिले में खरीफ फसलों को एरिया ७८ हजार ६२० हेक्टेयर रखा गया है। उसके लिए बीज ५२०० क्विंटल रखना जरूरी था, लेकिन २९०३ क्विंटल बीज विभाग के पास रखा हुआ है।
बीज की महंगाई, कैसे होगी बोवाई
किसानों ने बताया कि मानसून की पहली बारिश ने खेत और नालों को भर दिया है। हालांकि खरीफ फसलों की तैयारियां पहले से हो गई थी। अब बतर मिलते ही बोवाई शुरू हो जाएंगी लेकिन बीज की महंगाई इतनी बढ़ गई है कि उसे खरीदने का सामर्थ नहीं जुटा पा रहा हूं। घर में रखे बीज का ही उपयोग कर रहा हूं।
यह आई बीज की नई किस्त
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ फसलों के बीज की नई किस्में आई है। सोयाबीन में जेएस २०.९८ यह ९० से १२० दिन का होता है। जेएस ९५६० और आरइीएस २००४ नया बीज आया है। इन बीजों के प्रति किसानों को जागरूक किया जाएगा। जिससे किसानों को उपज में लाभ मिलेगा।
टीकमगढ़ जिले में यह है बीज की उपलब्धता
फसल रकबा बीज होना बीज उपलब्धता
उड़द १२०२५० ७९३६ २८०५
मूंग २५०० १६५ ०
अरहर ६०० ६० ०
तिल १७०८० २८१ ०
सोयाबीन १३५०० २१९३ २८८२
मूंगफली ७५३०० ९४१२५ २६७
ज्वर ५०० ५० ०
मक्का ३०० ३० ०
बाजरा ५० १ ०
कोदो कुटकी २०० १० ०
निवाड़ी जिले में यह है बीज की उपलब्धता
फसल रकबा बीज होना बीज उपलब्धता
उड़द २६००० १७१६ २९०३
मूंग १४०० ९२ ९४४
अरहर ३० ३ ५९३
तिल ४००० २२ १७
सोयाबीन ४२० ९० २५५४
मूंगफली ४६२०० ९२४० ९५५
ज्वर १०० १० ४८
मक्का २३० २१ ८७३
बाजरा ४० १ ०
कोदो कुटकी २०० १० ०
इनका कहना
किसान मिक्स बीज को नहीं बोए। बीज का परीक्षण करके ही बोए, लेकिन उसका अंकुरण अच्छा होना चाहिए। विभाग के पास जो भी बीज था उसकी सप्लाई कर दी गई है। बीज दुकानों पर बेचा जा रहा है। उसके सैंपल लिए जा रहे है। जिससे किसानों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।
अशोक शर्मा, उपसंचालक कृषि एवं किसान कल्याण टीकमगढ़।
बारिश शुरू हो गई है और खरीफ सीजन की तैयारियां भी किसनों ने पूरी कर ली है। बाजार में उड़द, सोयाबी, मक्का के साथ अन्य बीजों की नई किस्मे आई है। किसानों को सबसे अधिक मोटे अनाज को बोने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
सचिन ठगन, बीज दुकानदार टीकमगढ़।
Published on:
22 Jun 2023 07:27 pm
बड़ी खबरें
View Allटीकमगढ़
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
