
The Life of a Cheating to Farmer Short Story in hindi
अखिलेश लोधी . टीकमगढ़. बैंक से जारी चेक बुक से एजेंसी संचालक को लाभ पहुंचाने के मामले में तीन माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सीएम हेल्पलान में शिकायत बैंक प्रबंधन से शुरू होकर एल-4 स्तर तक पहुंच गई, लेकिन मामले का फिर भी निराकरण नहीं किया जा सका। पीडि़त किसान का आरोप है कि ट्रैक्टर एजेंसी संचालक द्वारा किसान के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर फाइनेंस कम्पनी और बैंक से मिलकर उसके खाते से राशि निकालने का प्रयास किया। बैंक में राशि नहीं होने के कारण बैंक ने किसान के नाम वसूली का नोटिस निकाल दिया है। पीडि़त किसान ने मामले की जांच को लेकर बैंकिंग लोकपाल भोपाल, कलेक्टर, एसपी सहित संबंधित बैक अधिकारियों से शिकायत की है।
जतारा थाना क्षेत्र के पाली गांव निवासी पीडि़त किसान हरीराम पुत्र बिहारीलाल राजपूत द्वारा शिकायत में आरोप लगाया कि ट्रैक्टर एजेंसी से वर्ष 2015 में ट्रैक्टर खरीदकर महिंद्रा फाइनेंस कम्पनी से फाइनेंस कराया था। जिसकी किश्तें समय पर जमा कर दी गईं। इसके बाद ट्रैक्टर संचालक द्वारा बैंक में फर्जी हस्ताक्षर कर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के हितग्राही का खाता क्रमांक 3456439866 पर चेकबुक जारी करवाई गई। पीडि़त ने आरोप लगाते हुए कहा कि परेशान करने और रुपए हड़पने के लिए बैंक और फाइनेंस कम्पनी में 6 चेक को लगा दिया गया। किसान के खाते में रुपए नहीं होने के कारण बैंक का नोटिस घर पहुंचा। नोटिस लेकर किसान बैंक में आया और जानकारी ली तो बैंक मैनेजर ने हरीराम राजपूत के नाम चेक बुक जारी होना बताया गया। लेकिन पीडि़त किसान द्वारा बैंक से आज तक कोई चेक बुक जारी नहीं करवाई और न ही उसे अभी तक मिली है। पीडि़त ने मामले की जांच के लिए कलेक्टर और एसपी को शिकायत भी दी है।
बैंक और फाइनेंस कम्पनी ने लगाए 6 चेक
पीडि़त किसान राजपूत का आरोप है कि बगैर खाताधारक की मौजूदगी में सेंट्रल बैंक से चेक बुक जारी होने की जानकारी मिली तो वह घबरा गया। बैंक प्रबंधक से चर्चा की गई,लेकिन बैंक प्रबंधक द्वारा किसान को कोई सीधा जबाब नहीं दिया गया। इसके बाद किसान फाइनेंस कम्पनी में ट्रैक्टर की किश्त जमा करने के लिए गया तो फाइनेंस कम्पनी में किसान के फर्जी हस्ताक्षर बने चेक मिले। किसान ने कलेक्टर और एसपी को दी शिकायत में जांच कर ट्रैक्टर संचालक सहित दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में कर चुके शिकायतें
पीडि़त किसान सीएम हेल्पलाइन के साथ ही जनसुनवाई में शिकायत कर चुका है। जिसमें प्रथम शिकायत 6 सितम्बर 2017 को जनसुनवाई और सीएम हेल्पलाइन में की गई। जिसमें एल-1 स्तर पर शिकायत लीड बैंक के महाप्रबंधक सुनील कर्डक के पास पहुंची। 7 सितम्बर 2017 को सबंधित बैंक को शिकायत के निवारण के लिए पत्र दिया गया। 8 सितम्बर एल-1 वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जे पी अहिरवार के पास पहुंची। 16 सितम्बर को कार्रवाई नहीं करने पर एल-2 अधिकारी और वहीं शिकायत एल-2 अधिकारी कृषि उपसंचालक एस के श्रीवास्तव के पास पहुंची। 26 सितम्बर को शिकायत की निर्धारित अवधि तक निराकरण नहीं हुआ तो एल-3 अधिकारी के पास परिवर्तित कर दी गई।
शिकायत निराकरण के लिए कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी अभिजीत अग्रवाल के पास पहुंची। कलेक्टर द्वारा बताया कि जल्द ही शिकायत का निराकरण किया जाएगा। निर्धारित अवधि में शिकायत का निराकरण नहीं हुआ तो एल-4 अधिकारी के लिए शिकायत को परिवर्तित कर दिया गया। 9 अक्टूबर को एल-4 अधिकारी संचालक मोहनलाल के लिए परिवर्तित कर दी गई। 15 अक्टूबर को पीडि़त से संबंधित अधिकारी से बात की गई। जिसको लेकर सीएम हेल्पलाइन पर बैठे अधिकारी द्वारा कार्रवाई करने की बात की गई। इसके बाद 16, 29, 30 अक्टूबर और 4 नवम्बर को फोन पर सीएम हेल्पलाईन से कार्रवाई करने की बात की।
आवेदक द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर मामले को लेकर शिकायत की गई थी। जिसकी जानकारी बैंकिंग लोकपाल भोपाल, कलेक्टर को भेज दी गई है। आवेदक द्वारा बैंक पर गलत आरोप लगाए जा रहे है। मामले की जांच की जा रही है।
डीके सक्सेना, प्रबंधक, सैंट्रल बैंक टीकमगढ़
Published on:
08 Jan 2018 09:01 am

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