
Udyam Kranti Yojana is not being liked by the youth
टीकमगढ़. मुख्यमंत्री स्वरोजगार और युवा उद्यमी योजना की तरह उद्यम क्रांति योजना युवाओं को अपनी ओर आकर्षित नहीं कर पा रही है। तीन साल के ब्रेक के बाद सरकार द्वारा शुरू की गई नई उद्यम क्रांति योजना में सब्सिडी का प्रावधान न होने से पूरे प्रदेश में योजना अपने लक्ष्य को पूरा नहीं कर पा रही है। वहीं जिले में मध्यांचल ग्रामीण बैंक का योजना की परिधि से बाहर होने से भी लक्ष्य पूरा करने में परेशानी हो रही है।
युवाओं को खुद का रोजगार खड़ा करने, प्रदेश में नए उद्योग धंधे स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना एवं मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना का संचालन किया जाता है। कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद से दो साल तक यह योजनाएं बंद कर दी गई और फिर सरकार ने इनमें संशोधन कर मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना शुरू की। यह योजना शुरू करने के साथ ही सरकार ने इसका लक्ष्य भी कई गुना बड़ा दिया। लेकिन आलम यह है कि जिले में योजना के तहत महज 30 प्रतिशत ही लक्ष्य पूरा हो सका है। वहीं पूरे प्रदेश की स्थिति देखे तो सभी जगह यही हाल है। प्रदेश के किसी भी जिले में योजना का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है।
युवाओं के दूर होने के कारण
विभागीय सूत्रों की माने तो पहले स्वरोजगार योजना के तहत युवाओं को 10 लाख रुपए का ऋण दिया जाता है। इसमें सरकार सामान्य वर्ग के पुरूष को छोड़कर शेष सभी को लागत में 30 प्रतिशत तो ब्याज में 5 प्रतिशत का अनुदान देती थी। सामान्य वर्ग के पुरूष को 15 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इसी प्रकार युवा उद्यमी में सरकार 2 करोड़ तक का लोन देते थी और 15 प्रतिशत अनुदान के साथ ही 5 प्रतिशत ब्याज का अनुदान देती थी। यह सुविधा कृषक उद्यमी में थी। लेकिन उद्यम क्रांति योजना में सह सुविधाएं बंद कर दी गई है, वहीं ब्याज में भी मात्र 3 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार ने योजना के तहत दिए जाने वाले ऋण की राशि भी घटा कर मात्र 50 लाख रुपए कर दी है। ऐसे मेें अब युवा आगे नहीं आ रहे है।
जिले में यह भी परेशानी
विदित हो कि स्वरोजगार, युवा उद्यमी और कृषक उद्यमी योजनाओं में वर्ष 2017 से 2919 तक जिला प्रदेश में पहले पायदान पर रहा है, वहीं यह योजना आने के बाद से जिला 39वें पायदान पर पहुंच गया है। इस स्थिति के लिए योजना के नियमों का आड़े आना बताया जा रहा है। योजना के तहत ऋण वितरण का काम अब स्टेट बैंक की आरएसीसी ब्रांच को दे दिया है। पूर्व में यह काम शाखाओं के फील्ड ऑफिसर करते थे। आरएसीसी में मात्र एक अधिकारी होने से वह इन पर पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे है। इसके साथ ही जिले में ऋण वितरण में सबसे अधिक सहयोग करने वाला मध्यांचल ग्रामीण बैंक योजना से दूर है। बताया जा रहा है कि जिले में सबसे अधिक 65 प्रतिशत ब्रांच मध्यांचल बैंक की है। इस योजना के तहत मध्यांचल बैंक का आरबीआई से एमओयू न होने से यह योजना के तहत ऋण वितरण नहीं कर पा रही है।
2017 2018 2019 (राशि-लाख में)
लक्ष्य पूर्ति राशि लक्ष्य पूर्ति राशि लक्ष्य पूर्ति राशि
स्वरोजगार योजना 20 42 2348 20 29 1336 16 29 1329
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उद्यम क्रांति योजना(2019) 1800 547 747
Published on:
27 Apr 2023 08:27 pm
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