
Vegetable farming with contaminated water
अखिलेश लोधी.टीकमगढ़.नगर के बानपुर और बौरी दरवाजा सहित अन्य सड़कों के किनारे से शहर का गंदा नाला निकला हुआ है। इन गंदे नाले से निकलने वाले पानी से किसान सब्जियों सिंचाई कर रहे। इसके साथ ही वहीं सब्जी बाजार में बेची जा रही है। यह सब्जी खाने से लोग कही बीमार न पड़ जाए। लोगों के स्वास्थ्य से खिडवाड़ कर मोटा मुनाफा कमाने क चक्कर में सामने से निकले नाले में वह रहे गंदा दूषित पानी से सब्जी की खेती कर रहे है। उस गंदे पानी से पैदा होने वाली सब्जी को बाजार में बेचा जा रहा है। यह नाराजा बानुपर दरवाजा, बौरी दरवाजा, वैशाली नगर कॉलोनी के पीछे और पुरानी टेहरी क्षेत्र का है। नाले के पास कई किसानों की जमीनें पड़ी हुई है। जहां खेतों में उग रही सब्जी को पास से निकले नाले के गंदे पानी से सिंचाई की जा रही है। सब्जियां को उगाने के लिए पानी देने के लिए बिजली को भी चोरी की जा रही है।
ये हो सकती है बीमारी
कृषि वैज्ञानिक डां.एस के सिंह ने बताया कि दूषित पानी से उगाई जाने वाली सब्जियां में छोटे-छोटे कीड़े होते है। सब्जियों को धोने के बाद भी वह कीड़े रह ही जाते है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे गंदे और दूषित पानी से उगी सब्जियां का सेवन कोई करता है उनका एक नहीं कई बीमारियों का शिकार होना पड़ता है। उन्होंने कहा क इससे किडऩी को नुकसान,पाचन क्रि या को कमजोर बनाना,हेपेटाइटिस, पीलिया, टायफाइड, उल्टी, दस्त जैसी कई प्रकार की बीमारियां हो जाती है।
कुआं है,मगर नाले का देते है पानी
शहर की सड़कों से लगी उनकी जमीनों में कुआं निर्माण भी है। जमीन की सिंचाई करने के लिए पर्याप्त पानी है। लेकिन बिजली का बिल और निजी कु एं का पानी बचाने के लिए यहां पर लम्बे समय से सब्जियों की खेती में नाले के पानी से सिंचाई की जा रही है। अभी हाल में बंद गोबी,पालक,धनियां,आलू और बेगन की फसल लगाई है। जिसकी फसल को बाजार में बेचा जा रहा है।
गंदे नालों को फोड़ कर रहे सिंचाई
खेतों के पास निकला शहर का गंदा नाला का पानी आसानी से खेतों में पहुंच जाता है। इसके साथ के अंदर ग्राउंड पाईप लाईन भी लगाए हुए है। इस पाईप लाईन से खेतों में पानी पहुंच रहा है। इस पानी से सब्जी लगाने वालों के साथ खाने वालों को नुकसान पहुंचा रहा है।
बाजार में बेची जा रही सब्जी
बाजार में सब्जी लेने आए संतोष यादव,देवेंद्र यादव, शंकर सोनी और सोनी सिंधी ने बताया कि कटरा बाजार में आने वाली सब्जी का स्वाद खाने में कुछ अलग तरीके से मिलता। ऐसी सब्जी न लेने का विरोध उपभोक्ताओं द्वारा किया गया है। मामले को लेकर सब्जी दुकानदार से सब्जी उगाने में पानी देने की बात की तो सब्जी दुकानदार का कहना था कि नाले के पानी से सब्जी की उपज अच्छी होती है। लेकिन स्वाद की गारंटी नहीं है।
ऐसे करंे सब्जी का उपयोग
बाजार से खरीदने वाली सब्जी को बनाने के पहले साफ पानी से धो लें,इसके बाद उबालकर पकाएं। इसके साथ सब्जियां पर कैमिकल के छिड़काव के 10 दिन बाद बाजार में ले जाएं। जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य ठीक बना रहे।
हर माह बिकती हजारों की सब्जी
शहर के बानपुर,बौरी दरवाजा,पुरानी टेहरी, वैशालीनगर, झिरकी बगिया और ढोंगा रोड़ के आसपास बने नाले के गंदे पानी से उगती सब्जियां दिखाई दे जाएगी। इसके बाद यह सब्जियां शहर में थोक दुकान और कटरा बाजार,पुरानी नजाई की सब्जी मंडी में बिकने आ रही है।
इनका कहना
यह गंभीर मामला है,गंदे पानी से उगने वाली सब्जियां से नागरिकों के स्वास्थ्य से खिडवाड़ किया जा रहा है। मामले को लेकर एसडीएम को ऐसे सथानों की जांच करने की बात करता हंू। जांच के बाद रोक लगाने की कार्रवाई करवाता हूं।
एस के अहिरवार एडीएम टीकमगढ़
Published on:
23 Mar 2018 07:58 pm
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