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नपा की सरकार बदलते ही दोगुने बढ़े वाहन, कम हुई 1.75 लाख रुपए के डीजल की खपत

सीएमओ बताएं जल प्रदाय में काम न करने वाले 85 कर्मचारियों को कैसे दी जा रही वेतन

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Vehicles doubled in Napa, diesel consumption reduced by Rs 1.75 lakh

Vehicles doubled in Napa, diesel consumption reduced by Rs 1.75 lakh

टीकमगढ़. दीपोत्सव से शुरू हुई कचरा पॉलिटिक्स के बाद नपा में चल रहे गोलमाल का अब एक-एक अध्याय खुलता दिख रहा है। सीएमओ द्वारा लगाए गए आरोप के बाद गुरुवार को नपाध्यक्ष अब्दुल गफ्फार सामने आए। उन्होंने दीपावली ेपर्व पर गड़बड़ाई व्यवस्थाओं के लिए सीएमओ को दोषी ठहराया साथ ही उनके द्वारा की गई लापरवाहियों से नपा को हुई आर्थिक छति की भरपाई उनकी वेतन से करने की बात कहीं है।


दीपावली के पर्व पर वाहनों में डीजल बंद होने के मामले में नपाध्यक्ष गफ्फार ने सीएमओ पर आरोप लगाते हुए कहा कि नई परिषद के गठन के बाद सीएमओ रीता कैलासिया बताए कि वह 10 अगस्त से लेकर अब तक कितने दिन कार्यालय आई है। कार्यालय न आने पर भी उनका वेतन कैसे बनाया गया है। अध्यक्ष गफ्फार का आरोप था कि सीएमओ कैलासिया कब ऑफिस आती है और कब जाती है कोई पता नहीं। वह उनके बिना संज्ञान में लाए छुट्टी चली जाती है। उनका आरोप था कि नई परिषद बने तीन माह होने को है और सीएमओ केवल दो बार ही उन्हें बताकर अवकाश पर गई है।


फर्जी 85 कर्मचारियों का कैसे जारी हो रहा वेतन
वहीं अध्यक्ष गफ्फार ने आरोप लगाया कि जल प्रदाय शाखा में 137 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी रखे गए है। इनमें से 52 ही काम कर रहे है। शेष 85 कर्मचारियों को आज तक न तो उन्होंने देखा है और न हीं पालिका के अन्य कर्मचारियों ने। अध्यक्ष ने कहा कि इन कर्मचारियों की वेतन कैसे निकाली जा रही है। अध्यक्ष का कहना था कि ऐसे ही नपा के 5 विभागों में फर्जी कर्मचारी दर्ज कर वेतन निकाला जा रहा है, लेकिन आज तक उनकी जानकारी नहीं दी गई है। उन्होंने जल प्रदान सहित कुछ अन्य ऐसे कर्मचारी जो काम पर नहीं आते है, उनका वेतन न निकालने के लिए दो माह पूर्व पत्र भी लिखा था। वहीं उन्होंने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों से ही वेतन के मस्टर संधारित करने पर सवाल खड़ा किया है। उकना कहना है कि यह काम पालिका के नियमित कर्मचारी को करना चाहिए, लेकिन फर्जीवाड़ा कराने के लिए यह काम दैवेभो कर्मचारियों से कराया जा रहा है।

हर माह बच रहे 1.75 लाख
गफ्फार का कहना था कि डीजल संधारण का प्रभार बदलने के बाद से हर माह नगर पालिका का 1.75 लाख से 2 लाख रुपए तक डीजल का खर्च बच रहा है, जबकि उनके द्वारा सभी पुराने वाहनों को दुरूस्त कराकर काम किया जा रहा है। ऐसे में वर्तमान में पिछले कार्यकाल के मुकाबले दोगुने वाहन चल रहे है। इसके बाद भी हर माह डीजल का लाखों रुपए बच रहा है। इस मामले में उन्होंने सीएमओ एवं पूर्व अध्यक्ष से सवाल किया है कि वह बताएं कि आखिर इनता डीजल कहां जा रहा था।


बिना रजिस्ट्रेशन के कैसे हो रहा था भुगतान
अब्दुल गफ्फार ने बिना बीमा और रजिस्ट्रेशन के वाहन चलने के मामले में भी सीएमओ और पूर्व अध्यक्ष पर सवाल खड़े किए है। उनका कहना है कि वर्ष 2016 से नपा में बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन चल रहे है। फिर इनका सुधार और मेंटिनेंस के बिलों का भुगतान किस आधार पर किया जा रहा था। उनका कहना है कि आज तक सीएमओ मुझे यह नहीं बता पाई है कि नगर पालिका में कुल कितने टैंकर है और कितने वाहन है। उन्होंने नपा में हुई टैंकर एवं अन्य वाहनों की खरीदी की जांच करानें एवं जिनके पास भी नपा के वाहन है, उनके खिलाफ एफआइआर कराने की मांग की है।


इमानदारों का नहीं बढ़ाया वेतन
अध्यक्ष गफ्फार का कहना था कि नपा में पूरी ईमानदारी और मेहनत से काम करने वाले दैवेभो कर्मचारियों का 1 हजार रुपए वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव डाला गया था, लेकिन आज तक सीएमओ ने वेतन नहीं बढ़ाया है। उनका आरोप है कि मस्टर पर दर्ज फर्जी कर्मचारियों के कारण ऐसा नहीं किया जा रहा है। वहीं उन्होंने विधायक का नाम लिए बगैर आरोप लगाया कि वह कहते है कि उन्हें नपा से कोई मतलब नहीं, लेकिन डीजल किसके कहने पर बंद किया गया और किसने डीजल देने के लिए फोन किया इसकी जांच होनी चाहिए। सभी का पता चल जाएगा कि आखिर इसके पीछे कौन है।