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बारिश में बहा अमृत सरोवर तो जेसीबी से करने लगे सुधार कार्य

सीईओ बोले नहीं किया जाएगा भुगतान

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When Amrit Sarovar flowed in the rain

When Amrit Sarovar flowed in the rain

टीकमगढ़/जतारा. तीन दिन पूर्व हुई भारी बारिश में ग्राम पंचायत चंदेरा में बनाया जा रहा अमृत सरोवर तालाब की बधान टूट कर बह गई थी। ऐसे में इस काम को जल्द पूरा करने के चक्कर में अब मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। रविवार को यहां पर जेसीबी की मदद से सरोवर की बधान का काम करते हुए वीडियो वायरल हुआ है। इस पर जनपद सीईओ ने भुगतान न करने की बात कही है।


मनरेगा में मजदूरों की जगह मशीनों से काम किया जाना कोई नहीं बात नहीं है, लेकिन पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारी अब इस कदर बेपरवाह हो गए है कि जांच के बीच भी वह मशीनों से काम करने से गुरेज नहीं कर रहे है। चंदेरा पंचायत में बारिश से अमृत सरोवर तालाब की बधान टूट जाने के बाद शनिवार को यहां पर अधिकारियों ने पहुंच कर जांच की थी और पंचायत के सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक को नोटिस जारी किया था। साथ ही इस सरोवर का काम बारिश के पहले ही पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। शनिवार को अधिकारियों की जांच और निर्देश के बाद रविवार को सुबह से इस काम को पूरा करने के लिए पंचायत के प्रतिनिधियों ने यहां पर जेसीबी से काम शुरू कर दिया। रविवार को ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। यह वीडियो सामने आने के बाद जनपद सीईओ सिद्ध गोपाल वर्मा का कहना था कि निर्माण कार्य पहले मजदूरों से कराया गया था, उसी का भुगतान होगा।

पानी में बह जाने के बाद निर्माण कार्य जेसीबी मशीन से ग्राम पंचायत के द्वारा कराया जा रहा है, उसका जनपद से रुपए का भी भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही निर्माण कार्य में गड़बड़ी करने वाले सरपंच सचिव और रोजगार सहायक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विदित हो कि जिले में मनरेगा के कामों में जमकर लापरवाही की जा रही है। पिछले कुछ समय से सबसे अधिक शिकायतें जतारा जनपद में देखने को मिली है। यहां की जांच करने पहुंंची केंद्रीय टीम को भी यहां पर तमाम प्रकार की अनियमितताएं देखने को मिली थी और एक दर्जन से अधिक सरपंच, सचिव, उपयंत्रियों के साथ ही तत्कालीन जनपद सीईओ के खिलाफ रिकव्हरी एवं एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी यहां की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही है।