
world AIDS Day
टीकमगढ़. जिले में हर साल एड्स रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वर्तमान में जिले में एड्स रोगियों की संख्या 119 हो गई है। पिछले 3 वर्षों में जिले में एड्स के 30 नए मरीज सामने आए है। जिले में एड्स की बीमारी का मुख्य कारण मजदूरों वर्ग का रोजी-रोटी कमाने के लिए महानगरों में पलायन करना बताया जा रहा है। बीमारी का यह कारण प्रशासन के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।
लाइलाज साबित हो रही एड्स की बीमारी के मरीजों की संख्या साल दर साल बड़ती जा रही है। जिले में हर साल एड्स के मरीजों की संख्या में बड़ोत्तरी हो रही है। वर्तमान में जिले में एड्स के कुल रोगियों की संख्या 119 है। इसमें पिछले वर्ष जिले में 13 नए रोगी सामने आए है। इसके पूर्व वर्ष 2016 में 11 एवं 2015 में 6 नए मरीज सामने आए थे। इन मरीजों में से 22 का जहां जिला चिकित्सालय के आईटीसीटी सेंटर पर उपचार किया जा रहा है, वहीं शेष मरीज सागर मेडीकल कॉलेज में उपचार करा रहे है।
एक किन्नर भी एड्स रोगी: एड्स रोगियों में न केवल महिला-पुरूष शामिल है, बल्कि एक किन्नर भी इस बीमारी से ग्रसित है। आईटीसीटी सेंटर से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 66 पुरूष एवं 55 महिलाएं इस बीमारी से ग्रसित है। एड्स की बीमारी से जूझ रहे रोगियों में 6 पति-पत्नि भी शामिल है। इन रोगियों में बच्चों की संख्या भी 6 बताई जा रही है। जिले में बड़ रही एड्स रोगियों की संख्या जहां आम लोगों के चिंता का विषय बनी हुई है, वहीं प्रशासन इसे सरकार के जारूकता अभियान की सफलता बता रहा है। एड्स नियंत्रण समिति का कहना है कि जागरूकता के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बाद अब लोग खुल कर अपनी जांच करा रहे है। वहीं इससे बीमारी की रोकथाम में भी मदद मिल रही है।
पलायन बना मुख्य कारण: एड्स के रोगियों की बड़ रही संख्या का मुख्य कारण मजदूर वर्ग का पलायन बताया जा रहा है। जिले में एड्स रोगियों में सबसे ज्यादा संख्या ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूर वर्ग की बताई जा रही है। रोजगार की तलाश में पलायन कर महानगरों में जा रहे मजदूर वर्ग के लोग लौट कर साथ में यह घातक बीमारी लेकर आ रहे है। शहरी क्षेत्रों में ऐसे मरीजों की संख्या कम है। ऐसे में यह साफ हो रहा है कि ग्रामीण स्तर या मजदूर वर्ग के बीच जहां सरकार के जागरूकता कार्यक्रम नही पहुंच पा रहे है, वहीं पलायन अब जानलेवा साबित होता जा रहा है।
कहते है अधिकारी: एड्स रोगियों की संख्या का इजाफा इस बार की ओर इशारा करता है कि अब लोग इस बीमारी को लेकर जागरूक हुए है। लोग अब बिना झिझक के सामने आकर अपनी जांच करा रहे है। सरकार के प्रयासों से इस बीमारी की रोकथाम में काफी सहायता मिल रही है।- सावित्री तिवारी, कांउसलर, आईटीसीटी सेंटर।
Published on:
01 Dec 2018 01:15 pm
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