"मैंने यह सीन पहली बार बड़े पर्दे पर प्रीमियर के दौरान देखा," रश्मिका याद करती हैं, "तब मैं अल्लू अर्जुन सर के बग़ल में बैठी थी. जैसे ही डायलॉग शुरू हुआ, पूरा थिएटर एकदम शांत हो गया, और जैसे ही सीन ख़त्म हुआ, लोग सीटी और ताली बजाने लगे. मैं वहीं बैठी रह गई, और हैरान होकर सोचती रही, 'क्या यह सच में हो रहा है?' हर दिन ऐसा नहीं होता कि किसी एक्ट्रेस को उसकी परफॉर्मेंस पर सीटियां और तालियां मिलें और यह मेरे लिए सब कुछ था।"