
Mamta benarjee
पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा में अब राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सूबे के राज्यपाल पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। इसके बाद से कई राजनीतिक दलों के नेता भी बंट गए हैं। कोई सीएम ममता बनर्जी का पक्ष ले रहा है तो कोई राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी को सही ठहरा रहा है।
एक धर्म विशेष के बारे में फेसबुक पर भड़काऊ फोटो डालने के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने उत्तरी 24 परगना जिले से एक नाबालिग को हिरासत में लिया था। इसके बाद भाजपा के कुछ नेताओं ने राज्य के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से इस सिलसिले में मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके बाद राज्यपाल ने ममता बनर्जी को फोन किया लेकिन उनकी कही गई कुछ बातें ममता को अच्छी नहीं लगी। इसके बाद ममता बनर्जी भड़क गईं और मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखते हुए कहा कि मेरे पूरे जीवन में मुझे इस तरह से अपमानित नहीं किया गया। उनकी बातें सुनकर मुझे लगा कि अपने पद इस्तीफा दे देना चाहिए।
इस दौरान ममता बनर्जी राज्यपाल पर खूब बरसीं। उन्होंने कहा कि वह उनकी दया से सत्ता में नहीं आई हैं। जिस तरह राज्यपाल का पद संवैधानिक है, उसी तरह उनका भी पद (मुख्यमंत्री) संवैधानिक है। वह किसी एक समूह का पक्ष नहीं ले सकते। वह बिल्कुल बीजेपी के किसी ब्लॉक प्रेजिडेंट की तरह बात कर रहे थे, और मैं उनके इस रवैये से बिलकुल आहत हूं।
Published on:
05 Jul 2017 11:06 pm
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