
50 करोड़ का कारोबार होगा ठप्प
50 करोड़ का कारोबार होगा ठप्प
500 परिवार के रोजगार पर असर
राज्य सरकार ने लगाई आतिशबाजी पर रोक
बाजार में नहीं सजी दुकानें
टोंक. दीपावली का पर्व नजदीक है और राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमितों को देखते हुए आतिशबाजी पर रोक लगा दी है। इसके चलते जिले के 500 परिवारों पर रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
यह परिवार वो हैं जो साल में एक बार अतिशबाजी से कमाई करते हैं। इन परिवारों से करीब 50 करोड़ रुपए का कारोबार होता है, लेकिन इस बार यह प्रभावित होगा।
वहीं इन परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होगा। जिले में आतिशबाजी के व्यवसाय 300 परिवार जुड़े हैं। दीपावली के कुछ दिन पहले ही यह लोग पूरे परिवार के साथ आतिशबाजी बेचते हैं। इसके अलावा 150 परिवार वो हैं जो आतिशबाजी बनाते हैं। इनमें 125 परिवार तो शहर के हैं।
यह परिवार शोरगर है, जो सालभर में आतिशबाजी बनाते रहते हैं, लेकिन सरकार की ओर से लगाई गई रोके के बाद उनके परिवार के सामने अचानक संकट खड़ा हो गया। वे दीपावली के सीजन पर अचानक बेरोजगार हो गए हैं।
अचानक फैसला गलत
टोंक पटाखा एसोसिएशन के अध्यक्ष मिलन टिक्कीवाल, उपाध्यक्ष चन्द्रप्रकाश खुटेटा, बंटी, बैणीप्रसाद व तरण टिक्कीवाल ने बताया कि राज्य सरकार ने अचानक ही रोक लगाई है।
जबकि जिला प्रशासन ने लाइसेंस के लिए आवेदन मांग लिए थे। वहीं सरकार को अस्थायी लाइसेंस पर रोक लगानी चाहिए थी, लेकिन स्थायी लाइसेंस वालों के लिए भी स्पष्ट आदेश नहीं दिए हैं। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक जिले में पटाखों की बिक्री नहीं होगी तो सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
रोक के साथ बनती गाइड लाइन
तरुण का कहना है कि सरकार ने कोरोना महामारी के चलते रोक लगाई है, लेकिन इसमें गाइड लाइन यह देनी चाहिए थी कि जहां संक्रमित है और उन रोगियों पर असर पड़ सकता है तो उनके नजदीक किसी को आतिशबाजी नहीं करने दी जाने चाहिए थी।
अचानक आतिशबाजी पर लगाई रोक से लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी है। लोग दीपावली पर्व को रोशनी तथा आतिशबाजी के रूप में ही मनाते हैं। ऐसे में यह दीपावली भी सूखी ही जाएगी।
Published on:
02 Nov 2020 09:52 pm
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