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video: एडीजी ने माना क्वार्टर निर्माण हुई घोर लापरवाही, गहनता से होगी जांच, नहीं बच पाएंगे दोषी

ADG inspected the shabby RAC Quarter अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आवास) ए. पोनुचामी ने टोंक में जर्जर आरएसी क्वार्टर का निरीक्षण किया। क्वार्टरों की जर्जर हालत को देख सार्वजनिक निर्माण विभाग में कार्यरत अभियंताओं को उनके कार्यालय में तलब करने के निर्देश दिए।

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एडीजी ने माना क्वार्टर निर्माण हुई घोर लापरवाही, गहनता से होगी जांच, नहीं बच पाएंगे दोषी

टोंक. जर्जर आरएसी क्वार्टर का निरीक्षण शनिवार को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आवास) ए. पोनुचामी ने किया। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए।

साथ ही निर्माण के दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग में कार्यरत अभियंताओं को सोमवार को उनके कार्यालय में तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी 270 क्वार्टर का निरीक्षण किया।

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इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय, मेहंदवास थाना तथा पीपलू थाने का निरीक्षण किया। यहां आरएसी परिसर में उन्होंने क्वार्टर निर्माण के दौरान बरती गई लापरवाही की पूर्ण रिपोर्ट पेश करने को कहा।

उन्होंने निरीक्षण के दौरान प्रत्येक क्वार्टर को देखा और सम्बन्धित अधिकारियों से सवाल किए। इसमें सामने आया कि निर्माण के दौरान गम्भीर लापरवाही बरती गई। इसके चलते क्वार्टर के छज्जे गिर गए तथा कमरे क्षतिग्रस्त हो गए।

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दूसरी तरफ चौंकाने वाली बात ये है कि करीब तीन साल पहले सार्वजनिक निर्माण विभाग तथा आरएसी को उक्त 270 क्वार्टर जर्जर होने की जानकारी मिल गई थी। इसके बावजूद उन्होंने मामले को गम्भीरता से नहीं लिया।

जब कुछ दिनों पहले एक विंग के दो छज्जे गिरे और मामला सामने आया तो सार्वजनिक निर्माण विभाग और सम्बन्धित विभाग हरकत में आया है। अभी भी उक्त मामले में कठोर कदम उठाने के बजाए महज मरम्मत पर ही ध्यान दिया जा रहा है।

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जबकि सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से 9 साल पहले 16 करोड़ रुपए की लागत से बने आरएसी क्वार्टर क्षतिग्रस्त होने के मामले में सम्बन्धित अभियंता तथा फर्म के खिलाफ भ्रष्टचार का मामला दर्ज होना चाहिए।

वहीं निर्माण तथा मरम्मत करने वाली फर्म ब्लैक लिस्टेड होनी चाहिए, लेकिन मामले में क्वार्टर की मरम्मत ही कराई जा रही है।

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फिर ये सब क्यों?
सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंताओं के मुताबिक 10 साल पहले जब क्वार्टर निर्माण का टेंडर जारी किया तथा क्वार्टर सुपुर्द किए गए तब गारंटी अवधि महज 6 महीने ही थी। बाद में सरकार ने इसे तीन साल कर दिया।

इसी आधार पर सार्वजनिक निर्माण विभाग वर्ष 2016 में उक्त क्वार्टर की 49 लाख रुपए से मरम्मत करा दी, जब उक्त मामला उजागर हुआ तो सार्वजनिक निर्माण विभाग ने उक्त फर्म को नोटिस जारी किया।

वहीं गारंटी अवधि खत्म होने के बाद भी विभाग अब उक्त फर्मों से ही मरम्मत करा रही है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा है। तब ही तो विभाग उक्त फर्मसे ही मरम्मत करा रहा है।


अब की कंडम घोषित
चौंकाने वाली बात ये भी है कि आरएसी क्वार्टर की दो विंग जर्जर होने के कारण दो साल पहले मौखिक तौर पर ही खाली करा दी गई। अब जब दबाव बढ़ा तो उक्त विंग को कंडम घोषित कर दिया। वहीं कंडम घोषित महज 10 साल में करना भी चौंकाने वाला है।

मामले की जांच जारी है
मामले की जांच की जा रही है। गम्भीर मामला है। फिलहाल मरम्मत करा रहे हैं। जांच के बाद दोषी पर कार्रवाइ होगी।
- बी. एस. मीणा, अधिशासी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग, टोंक

दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी
एडीजी आवास ने प्रत्येक क्वार्टर को देखा है। जांच की जा रही है कि क्वार्टर निर्माण में कहां गड़बड़ रही। भवन कमजोर कैसे और क्यों बना। इसकी रिपोर्ट बनाई जा रही है। जांच में सभी पहलू शामिल किए जा रहे हैं। इसमें दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- आदर्श सिधू, पुलिस अधीक्षक टोंक


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