
रामबाबू विजयवर्गीय @पीपलू (टोंक)। उपखंड में किसान पहले सामान्य खेती कर जीवनयापन करते थे, लेकिन अब नित नए नवाचार कर सालाना लाखों रुपए कमा रहे हैं। संदेड़ा फार्म के 46 वर्षीय दीनदयाल चौधरी ने नौकरी छोड़कर गांव में पैतृक चार बीघा भूमि पर एप्पल बेर की दो किस्म के 1000 पौधे लगाए। जैविक व उन्नत तकनीक से खेती कर हर साल लाखों का मुनाफा होने लगा है।
कोलकाता से लाए पौध
किसान ने बताया, चितौड़गढ़ नर्सरी के माध्यम से कोलकाता से एप्पल बेर के 35 रुपए प्रति पौध के हिसाब से एक हजार पौधे मंगवाकर अपने चार बीघा खेत में लगाए। रसायनों का उपयोग नहीं करके जैविक खाद काम में ली। नीम, गौ मूत्र, पुराना गोबर व जड़ी बूटियों का उपयोग करने से बेर की मिठास बढ़ने के साथ ही हर झाड़ी बेरों से लद जाती है।
प्रतिवर्ष लाखों का मुनाफा
प्रत्येक झाड़ी से 20 से 40 किलो पैदावार हो रही है। कैरेट्स में बेर भरकर मण्डी भेजते हैं। वहीं गांव में भी खपत होती है। प्रतिवर्ष लाखों का मुनाफा हो रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों से सीखा
कृषि और उद्यानिकी संबंधी विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में जाकर उन्नत कृषि को समझने की समुचित जानकारी एकत्र की।
ऐसे बनाई योजना
देड़ा फार्म नवाबों का बीड़ था। उस समय वहां झाड़ियां ही थीं। अभी झाड़ साफ करके सरसों और गेहूं की खेती चल रही थी, लेकिन मेहनत के हिसाब से फायदा ना होते देख चौधरी ने बेर की खेती करने की ठानी। इस पर परिजनों ने कहा, झाड़ को हटाने में बरसों लग गए अब फिर से वहां झाड़ लगाने जा रहा है। वर्तमान में परिवार तो खुश है ही, सफलता को देख कर अन्य किसान भी जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।
Published on:
21 Mar 2024 05:03 pm
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