व्यवस्थाएं गड़बड़ाई, मरीज हो रहे हैं बेहाल
आरटीएच बिल का विरोध
दो घंटे कार्य बहिष्कार, आज सामूहिक अवकाश
टोंक. राज्य सरकार की ओर से लागू किए गए आरटीएच बिल के विरोध में जहां जिले के निजी चिकित्सालय बंद है। वहीं राजकीय चिकित्सालयों में दो घंटे का कार्य बहिष्कार जारी है।
ऐसे में चिकित्सा व्यवस्थाएं बिगडऩे से मरीजों को परेशानी हो रही है। अस्पताल में उपचार के लिए मोहनलाल, सुरेश शर्मा व दिनेश कुमार ने बताया कि सुबह 9 से 11 बजे तक कार्य का बहिष्कार था। ऐसे में इस अवधि में आए मरीजों को इंतजार करना पड़ा। इसमें कई मरीज जिनकी तबीयत खराब थी उन्हें परेशान होना पड़ा।
इधर, निजी चिकित्सकों के समर्थन में सेवारत चिकित्सा संघ के चिकित्सक भी बुधवार को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। ऐसे में बुधवार को मरीजों के सामने बड़ी समस्या आएगी। हालांकि आपात काल सुविधाएं जारी रहेगी।
सआदत अस्पताल के पीएमओ डॉ. बी. एल. मीना ने बताया कि बुधवार को जिले आपात काल और प्रसव के अलावा सभी उपचार से सम्बन्धित सेवाएं बंद रहेगी। आपात काल के लिए चिकित्सक व स्टॉफ मौजूद रहेगा।
जो मरीज भर्ती है, उनका उपचार जारी रहेगा। इधर, विरोध में मंगलवार को सआदत अस्पताल में सुबह 9 से 11 बजे तक कार्य का बहिष्कार किया गया।
टोडारायङ्क्षसह. राइट टू हेल्थ के विरोध में गत दिनों से राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय में चिकित्सकों का दो घण्टे की हड़ताल मरीजों पर भारी पड़ रही है।
राइट टू हेल्थ का विरोध कर रहे नीजि चिकित्सकों के समर्थन में यहां सीएचसी में भी गत सप्ताह से कार्यरत चिकित्सकों की दो घण्टे की हड़ताल जारी है।
इधर, हड़ताल के बीच रोजाना सुबह 9 से 11 बजे तक चिकित्सा कार्य बंद रहता है। चिकित्सकों के चिकित्सा कार्य का बहिष्कार कर सीट पर नहीं बैठने से मरीजों की भीड़ बढ़ जाती है। स्थिति यह है कि 11 बजे बाद पंजीयन कार्य शुरू होता है, जहां महिला व पुरुष की धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है।
महिला व पुरूषों के लिए पंजीयन काउण्टर व दवा काउण्टर एक ही है। जिससे यहां मरीजों को धक्कामुकी के बीच परेशान होना पड़़ा। मौसम परिवर्तन के साथ मरीजों की संख्या सीएचसी में प्रतिदिन 700 से 800 ओपीडी तथा 80 से 100 भर्ती हैं।
नारेबाजी व प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा
देवली. शहर के निजी चिकित्सक, स्टॉफ एवं सहयोगी एकत्रित हुए और विरोध किया। बाद में उपखंड कार्यालय में आरटीएच बिल की प्रति को फाडकऱ प्रदर्शन किया।
आईएमए शाखा अध्यक्ष डॉ अनंत जैन ने बताया कि आरटीएच बिल के विरोध के कारणों पर चर्चा की गई। सभी ने राज्य में घूम कर परिवार जन एवं मित्रों को इस बिल की विसंगतियों के बारे में जागरूक करने का संकल्प लिया। सचिव डॉ गौरव व्यास ने बताया कि बैठक के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।