टोंक. भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार के महंगाई राहत केम्प आम जनता के लिए आहत केम्प बन रहे है। भीषण गर्मी में महिलाओं, बुजुर्गों को कई घण्टों तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन कैम्पों के जरिए अपनी राजनीतिक चुनावी फसल काटने की कोशिश में लगी हुई है।
पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने गुरूवार को सर्किट हाऊस टोंक में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा शुक्रवार से राज्य की कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों, चुनावी वायदा खिलाफी के खिलाफ राज्यव्यापी जनांदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि महंगाई राहत कैम्पों में कांग्रेस पदाधिकारी एवं प्रभारी, सह प्रभारी मुख्य तिथि के रूप में पहुंच रहे है इतना ही नही भाषणों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दुष्प्रचार में लगे हुए है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की और से इन कैम्पों का राजनीतिकरण किया जा रहा है।
चतुर्वेदी ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के समय बिजली की दरों में बढ़ोतरी नही किए जाने की घोषणा की थी लेकिन अब तक 6 बार बिजली की दरों में वृद्धि की गई है। इतना ही नही तीन साल से फ्यूल सरचार्ज के नाम से 1 करोड़ 39 लाख रुपए की घरेलू उपभोक्ताओं के प्रति महीने वसूली जा रही है। उन्होंने कहा कि डिस्कॉम ने पिछले अप्रैल महीने में 45 पैसे फ्यूल सरचार्ज लगाया है अब फिर मई महीने में 52 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अडानी मामले में केंद्र सरकार एवं भाजपा को बदनाम करने की कोशिश में लगी है वही राज्य की गहलोत सरकार ने 07 पैसे प्रति यूनिट अडाणी कर लगाया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के समय दिन में किसानों को बिजली दिए जाने का वायदा किया था वह आज तक पूरा नही हो पाया। इतना ही नही चाहे 500 रुपए गेस सिलेंडर दिए जाने, पेंशन राशि 1 हजार रुपए किए जाने, 100 यूनिट बिजली फ्री दिए जाने की मुख्यमंत्री बजट घोषणा की गई थी यह अप्रैल महीने से ही लागू हो जाना था लेकिन 90 दिन बाद भी नही हुई। यदि राज्य सरकार की मंशा साफ होती तो सिर्फ एक बटन दबाने से ही इन दस योजनाओं का लाभ मिल सकता था।
उन्होंने कहा कि केंद्र की कुसुम योजना का लाभ राजस्थान के किसानों को आज तक नही मिल पा रहा जब कि केंद्र की भाजपा शासित गठबंधन सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल मे गरीबो को फ्री गेंहू उपलब्ध करा, आयुष्मान भारत योजना हो, उज्ज्वला योजना हो या केंद्र की कोई भी योजना हो कोई केम्प नही लगाए बल्कि सीधे ही लोगों को राहत दी गई।
चतुर्वेदी ने गहलोत व पायलट विवाद को कांग्रेस का आपसी झगडा बताते हुए कहा कि हालात यह हो गए कि अब कांग्रेस सरकार के मन्त्री ही अपनी सरकार को करप्शन की सरकार कहने लगे है तथा सार्वजनिक रूप से करप्शन के आरोप लगा रहे है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस शासन में पेयजल की समस्या खड़ी हो गई।11 हजार 440 गांवों में टेंकर भिजवाए जा रहे है जिनका भुगतान नही होने से पेयजल व्यवस्था ठप्प हो गई।
दीवार लेखन कर निर्माणधीन भाजपा कार्यालय का किया अवलोकन
चतुर्वेदी ने पटेल सर्कल पर भारतीय जनता पार्टी टोंक की और से भ्रष्टाचार खुले आम, नहीं सहेगा राजस्थान लिखकर दीवार लेखन कार्य की शुरुआत की। इस दौरान उन्होने कहा कि गांव-गांव ढाणी-ढाणी कांग्रेस सरकार के खिलाफ दीवार लेखन का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हमें भ्रष्टाचारी कांग्रेस सरकार के बारे में गांव गांव ढाणी ढाणी के आमजन को बताना है। उन्होंने कहा कि समूचा राजस्थान मौजूदा वक्त में कानून व्यवस्था के नाम पर जंगलराज के रूप में बदल चुका है। समाज की बहन, बेटियों की इज्जत, मंदिर, थाना, समाज में कहीं भी सुरक्षित नहीं है। इसके बाद चतुर्वेदी ने निर्माणाधीन भाजपा कार्यालय का अवलोकन किया।
सर्किट हाऊस में पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी का मालपुरा के विधायक कन्हैया लाल चौधरी, टोंक के पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता, देवली-उनियारा के पूर्व विधायक राजेन्द्र गुर्जर, जिला प्रमुख सरोज बंसल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र पराना, महामंत्री विष्णु शर्मा, प्रभु बाडोलिया, पूर्व जिला प्रमुख सत्यनारायण चौधरी, भाजयुमो प्रदेश महामंत्री चन्द्रवीर सिंह चौहान , पूर्व सभापति गणेश माहुर, टोंक पंचायत समिति के पूर्व प्रधान जगदीश गुर्जर, पूर्व जिला मीडिया प्रमुख ओमप्रकाश गुप्ता, एडवोकेट कमलेश यादव, पूर्व जिला महामंत्री दीपक संगत, नरेश बंसल, महेंद्र सिरोठा, पार्षद बीना छामुनिया, पार्षद बादल साहू, विष्णु चावला, हंसराज धाकड़ आदि मौजूद थे।
टीकेसीसी. टोंक. पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी बुधवार को सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता करते।
टीकेसीडी. टोंक. पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी बुधवार को पटेल सर्कल पर दीवार लेखन करते हुए।