
टोंक के वन विभाग में खड़ा शतावरी से भरा जब्त ट्रक।
टोंक. वन विभाग की टीम ने बुधवार को बरोनी थाना क्षेत्र के सोहेला वन क्षेत्र से आयुर्वेदिक औषधि शतावरी से भरा ट्रक जब्त किया है। साथ ही टीम ने चालक व उसके साथी को वन अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है। ये कार्रवाई क्षेत्रीय वन अधिकारी जितेन्द्रसिंह शेखावत के नेतृत्व में की गई। शेखावत ने बताया कि ट्रक में करीब 45 क्विंटल आयुर्वेदिक औषधि शतावरी भरी हुई थी।
इसकी बाजार कीमत करीब दो हजार रुपए प्रति किलो है। ऐसे में ट्रक में करीब 90 लाख रुपए की ये औषधि है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपित मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित तराल गांव निवासी मुन्ना खां तथा मोनू कुशवाह है। ये दोनों सोहेला वन क्षेत्र से औषधि शतावरी भरकर मध्यप्रदेश ले जा रहे थे। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने उन्हें पकड़ लिया और ट्रक जब्त कर लिया।
राजस्थान में पहला मामला
जितेन्द्रसिंह ने दावा किया है कि शतावरी की तस्करी का राजस्थान में ये पहला मामला है। ऐसा पहली बार हुआ है कि इसकी तस्करी करते पकड़ा गया है। सम्भावनाएं है कि ये लोग कई सालों से निवाई तथा सोहेला वन क्षेत्र से इसकी तस्करी करते थे, लेकिन पकड़े अब गए हैं।
एक ही रात में होता है सब कुछ
वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि वन क्षेत्र से शतावरी लेने के लिए दो दर्जन लोग आते हैं। ये रात में खुदाई करते हैं और सुबह जल्द ही निकल जाते हैं। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्र में हो रहे औषधियों के खनन की जानकारी नहीं मिल पाती।
श्योपुर मंडी में बिकती है
कर्मचारियों ने बताया कि आरोपित वन क्षेत्र से औषधि शतावरी लेकर मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित मंडी में बेचते हैं। अच्छे दामों पर बिकने वाली शतावरी के चलते ये लोग यहां आते हैं।
इस काम आती है
जानकारों का कहना हैकि शतावरी का उपयोग कई रोगों में काम आता है। खास तौर पर ये औषधि ताकत को बढ़ाने का काम आती है। साथ ही शारीरिक कमजोरी को दूर करने समेत अन्य रोगों में भी इसका उपयोग अन्य जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर किया जाता है। ऐसे में ये बाजार में महंगे दामों पर मिलती है।
Updated on:
10 May 2018, 9:02 AM IST
Published on:
10 May 2018, 9:02 AM IST
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