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जन्म और मृत्यु जीवन की परम्परा- स्वस्तिभूषण

प्रवचनमाला में उमड़े श्रद्धालु

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जन्म और मृत्यु जीवन की परम्परा- स्वस्तिभूषण

जन्म और मृत्यु जीवन की परम्परा- स्वस्तिभूषण

निवाई. शांतिनाथ मंदिर में आयोजित प्रवचन माला कार्यक्रम में बुधवार को विश्व प्रसिद्ध स्वस्तिधाम की प्रणेता गणिनी आर्यिका स्वस्तिभूषण ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस दुनिया में लोग खाली हाथ आते है और खाली हाथ वापस चले जाते हैं। कौन कब बड़ा बन जाए कौन कब छोटा बन जाए पता ही नहीं चलता। उन्होंने कहा कि जन्म और मृत्यु की जीवन की परम्परा है, जिसकी जैसी मति होगी उसको वैसी गति मिलेगी, जितना सुख आत्मा में होता है वह परम सुख परमात्मा के पास है। गणिनी आर्यिका ने कहा कि इंसान को सद्कर्म कर इन्सान बनने का फर्ज निभाना चाहिए। जीवन में धर्म बढ़ने से ही भगवान और सुख की प्राप्ति होगी। क्योंकि भगवान ही अनंत सुखी है।

कार्यक्रम का संचालन अनुष्ठानकर्ता कपिल जैन इन्दौर ने किया। प्रवचन माला के दौरान पालिकाध्यक्ष दिलीप ईसरानी, पार्षद नितिन छाबड़ा एवं पार्षद मदनलाल वर्मा का दिगम्बर जैन समाज की ओर से अभिनन्दन किया गया। सभी अतिथियों ने गणिनी आर्यिका को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया।जयपुर से आए संघपति शिखरचन्द कासलीवाल, रमेश ठोल्या, रमेश तिजारिया, चेतन निमोडिया, भारत भूषण जैन, रमेश दीवान ने माताजी को श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद लिया। सायंकाल गुरु भक्ति के साथ आनन्द यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें प्रश्न मंच सहित कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। विजेता प्रतियोगी को मंदिर अध्यक्ष सुशील जैन, विष्णु बोहरा, मोहनलाल चंवरिया, मनोज पाटनी, शंभु कठमाणा सहित गणमान्य लोगों ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।(ए.सं.)

संगीतमय कथा ज्ञानयज्ञ शुरू

टोडारायसिंह. शहर स्थित धाकड़ काॅलोनी में बुधवार को संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ कार्यक्रम को लेकर बैण्ड बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम के तहत कल्याणजी चौक स्थित श्रीरामजी के मंदिर से बैण्डबाजे के साथ कलश यात्रा रवाना होकर धाकड़ काॅलोनी स्थित गोविंद गली पहुंची। रंग बिरंगे परिधान में सजी महिलाए सिर पर कलश धरे यात्रा में मंगल गीत गाते हुए चल रही थी। वही वृंदावन से आए कथा वाचक निम्बार्क ब्रजराज के सानिध्य में श्रद्धालु सिर पर भागवत कथा लेकर चल रहे थे। धाकड़ काॅलोनी में कलश स्थापना के साथ संगीतमय कथा वाचन शुरू हुआ। कथावाचक ब्रजराज महाराज ने कहा इस सांसारिक युग में मनुष्य को श्रीमद भागवत कथा श्रवण मात्र से ही मोक्ष प्राप्ति संभव है। श्रद्धालु दौलतराम पाण्डे ने बताया कि चुंगी नाके के निकट धाकड़ काॅलोनी में 22 दिसम्बर से 28 दिसम्बर तक नित्य संगीतमय कथा वाचन होगा।