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एपीआरआई में कैलीग्राफी आर्ट फेस्टिवल प्रदर्शनी का विधायक हरीश मीणा ने किया उद्घाटन

विधायक हरीश मीणा ने टोंक एपीआरआई में कैलीग्राफी आर्ट फेस्टिवल प्रदर्शनी का उद्घाटन किया  

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एपीआरआई में कैलीग्राफी आर्ट फेस्टिवल प्रदर्शनी का विधायक हरीश मीणा ने किया उद्घाटन

एपीआरआई में कैलीग्राफी आर्ट फेस्टिवल प्रदर्शनी का विधायक हरीश मीणा ने किया उद्घाटन

टोंक. मौलाना अबुल कलाम आजाद अरबी फारसी शोध संस्थान में कैलीग्राफी, फेस्टिवल, प्रदर्शनी व वर्कशाप शनिवार से शुरू हुआ। ये आयोजन 25 सितम्बर तक चलेगा। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि देवली-उनियारा विधायक हरीश मीणा थे। अध्यक्षता प्रियदर्शी ठाकुर ’’खय़ाल’’ नई दिल्ली ने की।

विशिष्ट अतिथि कांग्रेस अभाव अभियोग के प्रदेश सहसंयोजक सऊद सईदी, अतिरिक्त जिला कलक्टर कैलाश चन्द्र शर्मा, तथा पूर्व टोंक रियासत के नवाब आफताब अली खान थे। शुरुआत तिलावते क़ुरआन से मुफ्ती इस्लाहुद्दीन खिजर नदवी ने की। नाअत शरीफ मोहम्मद आबिद अली खां ने पढी। संस्थान के निदेशक डॉ. सौलत अली खां ने स्वागत किया। इससे पहले अतिथियों ने भारतीय कैलीग्राफी आर्ट फेस्टिवल के मेमेन्टों का विमोचन किया।

प्रोफेसर जियाउद्दीन शमशी तेहरानी की बहन इफ्तिखार फातमा ने तेहरानी के पुस्तकालयें की पुस्तकें दानस्वरूप संस्थान को भेंट की। इस पर इफ्तिखार को शाल ओढ़ाकर और मेमेन्टों भेंट कर सम्मानित किया गया।

इसके अलावा नवाब मोहम्मद इस्माइल अली ख़ान ’’ताज’’ अवार्ड- प्रियदर्शी ठाकुर ’’खयाल’’ नई दिल्ली, खलीक टोंकी खत्ताती अवार्ड हरिशंकर बालोठिया जयपुर को, उस्ताद अब्दुल मुसव्विर खान चहारबैत कला अवार्ड मोहम्मद उमर खान टोंक को तथा उस्ताद भुन्दू खान कव्वाली अवार्ड मोहतरम अहमद नूर कोटा को दिया गया।

बयादगार हाफिज महमूद खां शीरानी नम्बर (द्वितीय संशोधित संस्करण) तथा फतावा अदालते शराशरीफ (किताबुल फराइज) भाग-5 का विमोचन किया। मुख्य अतिथि हरीश मीणा ने कहा कि कैलीग्राफी प्रदर्शनी देखकर शंकाएं तथा भ्रांति दूर हो गई। कला किसी की मोहताज नहीं होती है।

कला, कलम तथा भाषा को बांटा नहीं जा सकता। उन्होंने आश्वासन दिया कि अरबी फारसी शिक्षण क्लासेज के प्रस्ताव जो राज्य सरकार के पास विचाराधीन है उनकी स्वीकृति के प्रयास किए जाएंगे। संस्थापक निदेशक शौकत अली खां ने प्रियदर्शी की ओर से संस्थान को लिए गए योगदान का उल्लेख किया।