
video: अखिल भारतीय कैलीग्राफी आर्ट फेस्टिवल, प्रदर्शनी एवं वर्कशाप का प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा ने किया उद्घाटन
टोंक. मौलाना अबुल कलाम आजाद अरबी फारसी शोध संस्थान में पांच दिवसीय द्वितीय अखिल भारतीय कैलीग्राफी आर्ट फेस्टिवल, प्रदर्शनी एवं वर्कशाप की शुरुआत सोमवार से हुई। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रेया गुहा थी।
समारोह की शुरुआत इसलाहुद्दीन खिजर ने तिलावते कलामुल्ला से किया। मोहम्मद आबिद अली खां ने नआते पाक पढ़ी। अध्यक्षता कांग्रेस अभाव अभियोग प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक सऊद सईदी ने की। विशिष्ट अतिथि एपीआरआई के संस्थापक निदेशक शौकत अली खान थे।
निदेशक डॉ. सौलत अली खान ने समारोह में आए मेहमानों की गुलपोशी स्वागत किया। उन्होंने कैलीग्राफी कला, इतिहास एवं इसकी विशेषताओं पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि श्रेया गुहा ने कहा कि मेरी शुरू से इच्छा थी कि मैं संस्थान को एक बार आकर देखू। मेरा प्रयास रहेगा कि संस्थान ज्यादा से ज्यादा तरक्की करे।
सऊद सईदी ने कहा कि यह विश्व विख्यात संस्थान है। इसका बजट बढऩा चाहिए। कर्मचारियों की भर्ती होनी चाहिए ताकि यह संस्थान आगे बढ़ सके। कार्यक्रम में खत्ताती, शायरी, चारबैत, कव्वाली अवार्डस सम्मान 2018 -19 खलीक टोंकी खत्ताती कला अवार्ड कारी सलीमुल्लाह वासिफ फुरकानी को, नवाब मोहम्मद इस्माईल ’’ताज’’ शायरी कला अवार्ड सफ्दर अली खान को, उस्ताद अब्दुल मुसव्विर खान चारबैत कला अवार्ड अब्दुल हनीफ उर्फ कल्लू अन्सारी को तथा उस्ताद भुन्दू खान कव्वाली कला अवार्ड फय्याज हसन रागी को दिया गया।
सौलत अली खान की ओर से सम्पादित इस्लामी हिन्द में फन्ने खत्ताती (द्वितीय संस्करण) तथा लमआते तख्य्युलात (तकरीबाते कसरे इल्म) मोहम्मद आबिद अली खान की ओर से लिखित का विमोचन किया गया।
समारोह में महमूद अहमद शेख मुम्बई, सलाम कोसरी जम्मू कश्मीर, हरीशंकर बालोठिया जयपुर, कासिम, जुबेर, इकरामुल्लाह, अब्दुल रहमान, अब्दुल सलाम दिल्ली, मोहम्मद हैदर चकिया बिहार, खुर्शीद आलम, जफर रजा, मुरलीधर अरोड़ा, रियाजुल हसन तथा गुलाम अहमद थे।
समारोह का संचालन सलाहुद्दीन कमर ने किया। कार्यक्रम के तहत मंगलवार को महफिल-ए-चारबैत, बुधवार को मुशायरा तथा समापन समारोह शुक्रवार दोपहर तीन बजे होगा।
Published on:
29 Jan 2019 11:13 am
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