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अव्यवस्थाओं के बीच हुआ शिविर, दो घंटे भटकते रहे मरीज

मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना

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अव्यवस्थाओं के बीच हुआ शिविर, दो घंटे भटकते रहे मरीज

अव्यवस्थाओं के बीच हुआ शिविर, दो घंटे भटकते रहे मरीज



मालपुरा. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सोमवार को मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना का आयोजित शिविर निर्धारित समय से दो घंटे बाद अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुआ।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रात: 10 बजे शिविर शुरू होना था, लेकिन शिविर निर्धारित समय से दो घंटे बाद 12 बजे लगभग शुरू हुआ। शिविर का उपखण्ड अधिकारी रामकुमार वर्मा, प्रधान सकराम चौपड़ा,मुख्य ब्लॅाक शिक्षाधिकारी रमाशंकर स्वामी ,उप जिला प्रमुख रहे अवधेश शर्मा व उप प्रधान रहे गोपाल गुर्जर ने फीता काटकर व दीप प्रज्जवलित कर शुरुआत की। शिविर को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से तैयारियां भी की गई थी। साथ ही शिविर का प्रचार प्रसार होने व पूर्व में ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर आयोजित शिविरो में रेफर मरीजों को मालपुरा शिविर में आने कहा गया था, वे सभी मरीज व परिजन कड़ाके सर्दी के बावजूद निर्धारित समय पूर्व ही आ गए। शिविर में रोगियो का पंजीयन ऑनलाइन होना था, लेकिन एनवक्त पर नेटवर्क बाधित होने के चलते रोगियों का पंजीयन ऑफलाइन किया गया, जिसके चलते पंजीयन कराने के लिए भी भीड़ लग गई।
पंजीयन के दौरान लगी भीड़ द्वारा सरकार की ओर से वैश्विक महामारी कोरोना व ओमिक्रोन को लेकर जारी गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया, जबकि शिविर स्थल पर उपखण्ड व चिकित्सा विभाग के वो अधिकारी मौजूद थे। इस मौके पर अस्पताल की मेडिकल रिलीफ सोसायटी के सदस्य एडवोकेट राजकुमार जैन सहित अस्पताल के सभी चिकित्सक मौजुद रहे।
राजस्व मंत्री से नियमन में छूट की लगाई गुहार
निवाई. प्रशासन गांवों और शहरों के संग अभियान में लाभार्थियों को विभिन्न प्रकार की सुविधा देने के लिए सोमवार को शहर अध्यक्ष महावीर प्रसाद पराणा के नेतृत्व में 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन राजस्व मंत्री रामलाल चौधरी को दिया गया।
शहर अध्यक्ष महावीर पराणा ने बताया कि सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रम में राजस्व मंत्री को ज्ञापन देकर अवगत कराया कि अभियान में वर्ष 2000 से पूर्व सभी कब्जे, चरागाह, सिवायचक, नगरपालिका क्षेत्र के सभी कब्जेधारी को नियमन किया जावे।
ग्रामीण क्षेत्र के चरागाह व सिवायचक भूमि में एक हैक्टेयर तक के कब्जों का नियमन किया जाए। कृषि भूमि में 200 एमटीआर तक आवासीय व बाडे का नियमन किया जाए। बीसलपुर आरक्षित भूमि से एनिकट व नाडी आदि की भूमि अलग की जाए। खातेदारों को चरागाह भूमि में से नि:शुल्क रास्ता देने की मांग की है। (ए.सं.)