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नाकाबंदी में नकदी जब्ती प्रशासन का दायित्व नासमझी में बढ़ रही लोगों की परेशानी

आदर्श आचार संहिता की पालना में टीमों का गठन कर नाके लगाए गए हैं। इन नाकों की जिले की अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण भी कर रहे हैं। ताकि गाइड लाइन की पूर्ण पालना की जा सके।  

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नाकाबंदी में नकदी जब्ती प्रशासन का दायित्व नासमझी में बढ़ रही लोगों की परेशानी

नाकाबंदी में नकदी जब्ती प्रशासन का दायित्व नासमझी में बढ़ रही लोगों की परेशानी

राजस्थान विधानसभा चुनाव - 2023 की आचार संहिता की पालना में की जा रही कार्रवाई और 50 हजार से अधिक की राशि जब्त करना जहां प्रशासन की मजबूरी है। वहीं गाइड लाइन की नासमझी में लोगों की परेशानी बढ़ रही है। इसका खामियाजा बाजार की चाल बिगडऩे से व्यापारियों को हो रहा है। ऐसा भी नहीं है कि सभी राशि को जब्त किया जा रहा है।


कई मामलों में प्रशासन और पुलिस की टीम ने हाथों हाथ जांच कर कई लाख रुपए के मामलों में लोगों को राशि ले जाने के लिए अनुमति भी दी है। ऐसे अब तक कई मामले सामने आ चुके हैं। गौरतलब है कि मुख्य निर्वाचन आयोग की ओर से आदर्श आचार संहिता की पालना में कोई भी 50 हजार रुपए से अधिक की राशि का परिवहन नहीं कर सकता। ऐसा करने पर उक्त राशि को जब्त कर लिया जा रहा है।


शिकायत समिति के समक्ष स्वयं रख सकते हैं

एफएसटी पुलिस एवं एसएसटी की ओर से जब्ती के लिए की गई कार्रवाई के विरुद्ध सुनवाई के लिए अपीलार्थी अपनी अपील रिटर्निंग अधिकारी के माध्यम से या स्वयं भी शिकायत समिति के समक्ष रख सकता है। जिला शिकायत समिति की बैठक सीईओ देशलदान की अध्यक्षता में जिला परिषद कार्यालय में प्रतिदिन ुसबह 11 बजे की जा रही है। अपीलार्थी जिला कोष कार्यालय से जानकारी ले सकता है।

इसलिए आ रही है समस्या

मुख्य निर्वाचन आयोग ने बिना किसी दबाव व लोभ-लालच के निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए गाइड लाइन बनाई है। इसके तहत कोई भी अपने पास 50 हजार रुपए से अधिक का परिवहन नहीं कर सकता। ऐसा करने पर एफएसटी एवं एसएसटी की ओर से पकड़ा जाता है उसके कारणों का पता लगाया जाता है। सही तौर पर कारण नहीं बता पाने पर टीम राशि व गहनों को जब्त कर लेती है। अधिकतर लोग घबरा जाते हैं।

अपने साथ ये दस्तावेज लेकर चलें

ऐसा भी नहीं है कि 50 हजार रुपए से अधिक की राशि कोई नहीं ले जा सकता। लेकिन राशि या भारी मात्रा में जेवरात ले जाने के लिए उसके बिल या राशि ले जाने की जानकारी साथ होनी चाहिए। ऐसे कई मामलों में टीम ने लोगों की राशि जब्त नहीं की है। इसमें एक मामला पेट्रोल पम्प से जुड़ा होने पर मालपुरा तथा कृषि मंडी में खरीद को लेकर निवाई में व्यापारियों की राशि जब्त नहीं की गई है।

गत चुनाव से 8 गुना हुई कार्रवाई

आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने से अब तक जिले में लगातार कार्रवाई की जा रही है। जांच के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 9-9 टीम का गठन किया है। यह 24 घंटे तीन-तीन पारी में जांच कर रही है। विधान सभा चुनाव वर्ष 2018 के दौरान जिले में 65 लाख रुपए जब्ती की गई थी। इसकी तुलना में इस बार प्रथम 8 गुना से ज्यादा जब्ती की गई है। इसमें गत 29 अक्टूबर कुल 51836563 रुपए की जब्ती की गई। इसके बाद मंगलवार तक करीब 16 लाख रुपए व 19 किलो से अधिक की चांदी जब्त की है। बुधवार को भी कार्रवाई हुई।

जिले में एफएसटी एवं एसएसटी जांच कर रही है। ऐसे में 50 हजार रुपए से अधिक की राशि व गहनों के दस्तावेज नहीं होने पर उन्हें जब्त कर लिया जाता है। दस्तावेज होने पर निस्तारण भी किया जा रहा है।
डॉ. ओमप्रकाश बैरवा, जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) टोंक

गाइड लाइन की जिले में पालना की जा रही है। इसके तहत जिले में नाके लगाए गए हैं। इसमें लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। दस्तावेज होने पर किसी को भी राशि जब्त नहीं की जाती है।
राजर्षि राज, पुलिस अधीक्षक टोंक


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