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मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष ने जांची शिक्षा की गुणवत्ता, नही कर पाए बच्चे जोड, बाकी, गुण व भाग

राजस्थान मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष एमडी चोपदार ने शनिवार को टोंक में सादिया मस्जिद के पीछे मोहल्ला रजबन के मदरसा मन्तशा इस्लामिक का निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने छात्राओं की शेक्षणिक गुणवत्ता को जांचा तो मदरसे में पढ़ाई की पोल खुल गई। उन्होंने छठीं क्लास की छात्रा से बोर्ड पर जोड , गुणा व भाग कराया लेकिन छात्रा तीनों सवाल नही कर पाई।  

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मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष ने जांची शिक्षा की गुणवत्ता, नही कर पाए बच्चे जोड, बाकी, गुण व भाग

मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष ने जांची शिक्षा की गुणवत्ता, नही कर पाए बच्चे जोड, बाकी, गुण व भाग

टोंक. राजस्थान मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष एमडी चोपदार ने शनिवार को टोंक में सादिया मस्जिद के पीछे मोहल्ला रजबन के मदरसा मन्तशा इस्लामिक का निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने छात्राओं की शेक्षणिक गुणवत्ता को जांचा तो मदरसे में पढ़ाई की पोल खुल गई। उन्होंने छठीं क्लास की छात्रा से बोर्ड पर जोड , गुणा व भाग कराया लेकिन छात्रा तीनों सवाल नही कर पाई। इतना ही नही आठवीं क्लास में पढ़ाए जाने वाले विषयों की जानकारी ली साथ ही अंग्रेजी में अवकाश के लिए दो दिन की एप्लिकेशन प्रिंसिपल के नाम लिखवाई तो छात्रा एक शब्द नही लिख पाई।

मदरसा बोर्ड अध्यक्ष ने मदरसा में पढ़ाई की गुणवत्ता मामले में नाराजगी व्यक्त करते हुए प्राचार्य अतिका बानों को बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दिए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि यह हाल तो आठवीं बोर्ड की छात्राओं की पढ़ाई के है। इस मामले में प्राचार्या ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि यह छात्राएं दूसरे मदरसे से आई है इसलिए अभी इनको बेसिक कोर्स की पढ़ाई कराई जा रही है।

चोपदार ने मदरसे में राज्य सरकार की और से दिए जाने वाली सुविधाएं दो कम्प्यूटर, बिल्डिंग की राशि की जानकारी ली तो प्राचार्या ने बताया कि न तो कम्प्यूटर मिला न ही बिल्डिंग की राशि। चोपदार ने निर्देश दिए कि बिल्डिंग का प्रस्ताव भिजवाया जाएं साथ ही राज्य सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधाएं भी जल्दी ही उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्राथमिक स्तर के मदरसों को 8 वीं कक्षा तक एवं उच्च प्राथमिक मदरसों को 10 वीं कक्षा तक करने के लिए प्रयासरत है। ताकि अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के 8 वीं कक्षा के पश्चात ड्रॉप आउट की स्थिति को रोककर शिक्षा के स्तर को बढ़ाया जा सके।

चोपदार ने कहा कि राज्य सरकार ने 476 मदरसों में मुख्यमंत्री आधुनिकरण योजना के तहत 58 करोड़ रुपये व्यय किए है। इनमें प्राथमिक स्तर के मदरसे को 15 लाख रुपये एवं उच्च प्राथमिक मदरसों को 25 लाख रुपये की राशि दी गई है। उन्होन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नितेश कुमार जैन को निर्देश दिए कि मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए वह मदरसों का नियमित निरीक्षण करें। साथ ही, प्रत्येक मदरसों में दूरभाष पंजिका का संधारण किया जाएं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मदरसों में बच्चों को बेहतर गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिलें इसके लिए सरकारी स्कूलों की तरह ही साल में दो ड्रेस, नि:शुल्क पुस्तके, कम्प्यूटर , फर्नीचर सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत सरकार राजस्थान ने सभी पंजीकृत मदरसों को आदर्श मदरसों के मॉडल के रूप के विकसित किए जाने की योजना बनाई है।


अध्यक्ष ने टोंक में ही मुहम्मद खां का पुल काली पलटन में स्थित मदरसा सआदत में स्मार्ट क्लास रूम, बिलाल कॉलोनी गोल की मस्जिद के पीछे स्थित मदरसा इस्लामिया नियाजिया गल्र्स में स्थापित स्मार्ट क्लास रूम का उद्घाटन किया।

टीके0309सीडी. टोंक में शनिवार को मदरसा सआदत में स्मार्ट क्लास रूम का फीता काटकर शुभारम्भ करते मंत्री अध्यक्ष चौपदार।

टीके0309सीई. टोंक में शनिवार को रजबन स्थित मदरसा मन्तशा में निरीक्षण के दौरान छात्रा से सवाल-जवाब करते अध्यक्ष चौपदार।