
बच्चों ने पेंटिंग कर कला का प्रदर्शन किया
मालपुरा. केन्द्रीय विद्यालय अविकानगर में विभिन्न राज्यों की कला संस्कृतियों को सरल सहज रूप में प्रस्तुत करने के लिए शिक्षण को सरल एवं रुचिकर बनाने के उद्देश्य बच्चों ने पेंङ्क्षटग कर अपनी कला का प्रदर्शन किया। केन्द्रीय विद्यालय अविकानगर के प्राचार्य ईश्वर ङ्क्षसह के संरक्षण एवं चित्रकला अध्यापिका दीपिका तिवारी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने सकारात्मक सोच के साथ विभिन्न राज्यों से सम्बन्धित कलाओं का प्रदर्शन पट चित्रण के रूप में कर प्रतिभा एवं कलात्मक अभिव्यक्ति का परिचय दिया।
विद्यार्थियों ने चित्रण का प्रदर्शन कपड़े पर मांडना कला, मंजूषा पेंङ्क्षटग, मधुबनी चित्रकला, गोड कला कृतियों, पटना कलम, पिथोरा चित्रकला इत्यादि विभिन्न कलाओं को प्रदर्शित करते हुए किया। इतने व्यापक पैमाने पर लोक कलाओं का प्रदर्शन एक पट चित्रण के रूप में विद्यार्थियों के लिए अनुपम एवं मनमोहक रहा।
विभिन्न कक्षाओं के कुल 25 विद्यार्थियों ने एक टीम के रूप में कला शिक्षिका के सहयोग से विषय सामग्री एकत्रित कर अपनी उर्जा का सही दिशा में लगाते हुए विभिन्न राज्यों की कला संस्कृतियों को सरल सहज रूप में प्रस्तुत करते हुए शिक्षण को सरल एवं रुचिकर बनाने के उद्देश्य से किया। विद्यार्थी अनवी, मुग्धा, तनिषा, अनुष्का, वर्षा, आरती, कलश, खुशी, पलक, अलीशा, अर्पिता, मनीष, चारुल, सूरज, दीनदयाल ,नमन ,मंदिरा, भाविका, कनिष्का, भावना, भूमिका, ईशिका, अक्षिता, चंचल, हर्षिता ने इस कार्य को करने में विशेष रूचि लेकर उल्लेखनीय योगदान किया। प्राचार्य ईश्वर ङ्क्षसह, वरिष्ठ शिक्षक डॉ. अनिल कुमार एवं कमलेश कुमार डाबरिया ने इन विद्यार्थियों को पट चित्रण के लिए प्रेरित करते हुए समय के सदुपयोग एवं कला के महत्त्व को बताकर उत्साह वर्धन किया एवं उनकी कला के प्रति रुचि को प्रोत्साहित किया।
धरती जतन यात्रा शुरू
मालपुरा. पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से ग्राम विकास नवयुवक मण्डल लापोडिया व ग्राम समाज की ओर से धरती जतन यात्रा का रविवार को उपखंड के चबराना व हिण्डोला गांव से शुरू हुई। यात्रा गांवों में नारे व जल गीत गाते हुए भ्रमण कर व लोगों के साथ गांव के मुख्य तालाब पर पहुंचे। इसके बाद पूर्ण विधी विधान से तालाब पर जल देवता की पूजा की गई। उसमें पुष्कर तीर्थ से लाया पवित्र जल के एक लोठे पानी को लोगों के हाथों से तालाब में अपर्ण किया व तालाब को गांव का पुष्कर घोषित किया गया।
पूजन के बाद तालाब की पाल पर पेड़ के नीचे गांव की सभा हुई, जिसमें तालाब को पुष्कर बनाने के तौर तरीकों पर चर्चा, गांव की हरियाली पर चर्चा, गांव की खेती, गांव का पानी, गांव के लोगों के आपसी रिश्ते आदि परचर्चा करके कुछ निर्णय किए गए। गांव के विकास कार्य का एक वार्षिक कलेण्डर बनाया गया। गांव सभा के बाद तालाब की पाल पर जल देवता की साक्षी में, सूरज भगवान व धरती माता की उपस्थिति में सभी यात्री मोली के कच्चे धागे को हाथ में थाम कर शपथ ली। जिला परिषद सदस्य भरत राज व पंचायत समिति के कनिष्ठ अभियन्ता भैरू लाल ने हिण्डौला गांव में विचार रखे।
Published on:
07 Nov 2022 08:19 pm
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